श्रीलंका ईस्टर बम धमाकों में 15 दोषियों को 200 से 260 साल तक की सजा, 269 लोगों की हुई थी मौत
कोलंबो: श्रीलंका में 2019 के ईस्टर संडे बम धमाकों के मामले में हाईकोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने 15 दोषियों को 200 से 260 साल तक की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी 15 दोषियों की संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया है। मामले में नौ अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया। 21 अप्रैल 2019 को ईस्टर के मौके पर श्रीलंका में तीन चर्चों और कोलंबो के तीन प्रमुख होटलों को निशाना बनाकर सिलसिलेवार आत्मघाती हमले किए गए थे। श्रीलंका के डेली मिरर के अनुसार, इन हमलों में 269 लोगों की मौत हुई थी और 500 से अधिक लोग घायल हुए थे। हमलों को नौ आत्मघाती हमलावरों ने अंजाम दिया था। अदालत ने दोषियों की भूमिका के आधार पर अलग-अलग सजा सुनाई। डेली मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, एक आरोपी को 260 साल, चार आरोपियों को 240-240 साल, कई आरोपियों को 220-220 साल और कुछ को 200-200 साल की सजा दी गई। अदालत ने कहा कि अभियोजन की ओर से पेश किए गए मामले में हमलों की साजिश, सहायता और अन्य संबंधित अपराधों को ध्यान में रखा गया। यह फैसला तीन सदस्यीय हाईकोर्ट ट्रायल-एट-बार ने सुनाया। मामले में 24 आरोपियों के खिलाफ कुल 23,270 आरोपों पर सुनवाई हुई। इनमें ईस्टर हमलों की साजिश रचने, सहायता और उकसाने समेत आतंकवाद से जुड़े आरोप शामिल थे। सात साल बाद 22 सितंबर को अदालत ने 15 आरोपियों को दोषी ठहराया था, जबकि नौ को बरी कर दिया था। इसके बाद 23 सितंबर को दोषियों की सजा सुनाई गई। अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक, 2019 के हमलों को नौ आत्मघाती हमलावरों ने अंजाम दिया था, जिनमें नेशनल तौहीद जमात के नेता जहरान हाशिम भी शामिल था। हमलों में चर्चों और कोलंबो के प्रमुख होटलों को निशाना बनाया गया था। तीन सदस्यीय ट्रायल-एट-बार ने मामले की लंबी सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 2,309 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। अदालत में पेश किया गया अभियोग नौ खंडों और करीब 8,900 पन्नों का था।किसे कितनी सजा मिली
23,270 आरोपों पर हुई सुनवाई
हमलों में नौ आत्मघाती हमलावर शामिल थे
करीब पांच साल चली सुनवाई














