योगेंद्र साव के बयान पर पूनम साव का पलटवार, बोलीं- पहले अपने गिरेबान में झांकें
हजारीबाग: पूर्व
मंत्री एवं बड़कागांव के पूर्व विधायक योगेंद्र साव की ओर से सांसद मनीष
जायसवाल और भाजपा के जनप्रतिनिधियों को लेकर दिए जा रहे बयानों के बीच भाजपा
नेत्री एवं बड़कागांव विधानसभा की सांसद प्रतिनिधि पूनम साव
ने प्रेस कॉन्फ्रेंस
कर पलटवार किया। उन्होंने योगेंद्र साव के राजनीतिक अतीत, बड़कागांव के विकास और उनके पुराने
राजनीतिक विवादों को लेकर कई सवाल उठाए।पूनम
साव ने अपने बयान की शुरुआत “विनाश काले विपरीत बुद्धि”
टिप्पणी से करते हुए कहा कि वर्तमान
परिस्थितियां योगेंद्र साव पर लागू होती हैं। उन्होंने कहा कि सांसद और मौजूदा
जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाने से पहले योगेंद्र साव को अपने राजनीतिक अतीत
और कार्यकाल पर भी नजर डालनी चाहिए। पूनम
साव ने एक पुराने वीडियो का हवाला देते हुए योगेंद्र साव के कथित बयान को लेकर
सवाल उठाए। उन्होंने टीपीसी और एमसीसी से जुड़े पुराने बयानों का उल्लेख किया और
टाइगर फोर्स के गठन एवं संचालन को लेकर भी सवाल खड़े किए।उन्होंने
कहा कि वर्तमान जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाने से पहले योगेंद्र साव को अपने पुराने
राजनीतिक रिकॉर्ड और उनसे जुड़े विवादों पर भी जनता के सामने अपनी बात रखनी चाहिए।
हालांकि, इन आरोपों और पुराने
वीडियो के संदर्भों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं की गई है। पूनम
साव ने बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र के पहरा गांव और गरीबपतरा जाने वाले रास्तों का
मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि लंबे समय तक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के
बावजूद यदि ग्रामीण इलाकों में सड़क जैसी बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं, तो पूर्व के विकास कार्यों का हिसाब भी
जनता के सामने रखा जाना चाहिए।उन्होंने
कहा कि जनता ने जिन जनप्रतिनिधियों को लंबे समय तक अपना प्रतिनिधि चुना, उनके कार्यकाल के बाद भी यदि बुनियादी
सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं सामने आती हैं तो उन पर चर्चा होना स्वाभाविक है। पूनम
साव ने बड़कागांव विधानसभा में भाजपा विधायक चुने जाने का उल्लेख करते हुए
योगेंद्र साव पर राजनीतिक निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के चुनाव
जीतने के बाद योगेंद्र साव लगातार वर्तमान जनप्रतिनिधियों को निशाना बनाकर बयान दे
रहे हैं।उनका
कहना था कि चुनावी परिणामों के बाद राजनीतिक परिस्थितियां बदली हैं और वर्तमान
जनप्रतिनिधियों को जनता ने अपना प्रतिनिधित्व सौंपा है। पूनम
साव ने भाजपा नेता अनिल मिश्रा का नाम लेते हुए
योगेंद्र साव और उनके समर्थकों पर कथित अवैध कमाई से जुड़े आरोप भी लगाए। उन्होंने
दावा किया कि पहले होने वाली कथित अवैध कमाई अब बंद हो गई है, जिसके कारण राजनीतिक बयानबाजी हो रही
है।उन्होंने
जमीन और अन्य मामलों से जुड़े आरोप भी लगाए। हालांकि, ये आरोप पूनम साव की ओर से प्रेस
कॉन्फ्रेंस में लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं और इनके समर्थन में इस खबर में कोई
स्वतंत्र जांच रिपोर्ट या न्यायिक निष्कर्ष उपलब्ध नहीं है। पूनम
साव ने योगेंद्र साव के परिवार को लेकर भी राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने योगेंद्र
साव की बेटी का संदर्भ देते हुए उनके परिवार की राजनीतिक बयानबाजी पर सवाल उठाए और
कहा कि जनता को इस तरह के राजनीतिक घटनाक्रम पर भी विचार करना चाहिए। पूनम
साव ने कहा कि व्यापार करना कोई गलत बात नहीं है, लेकिन उन्होंने योगेंद्र साव की उम्र को
लेकर राजनीतिक तंज कसा। उन्होंने कहा कि अब राजनीतिक मैदान में युवा लोग आ चुके
हैं और बड़कागांव तथा हजारीबाग की जनता पूरे घटनाक्रम को देख रही है।अंत
में पूनम साव ने कहा कि बड़कागांव विधानसभा और हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र की जनता यह
देख रही है कि कौन विकास के मुद्दे उठा रहा है और कौन आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति
कर रहा है। उन्होंने योगेंद्र साव से दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने राजनीतिक
अतीत और कार्यकाल का भी हिसाब जनता के सामने रखने को कहा।हाल
के दिनों में हजारीबाग में योगेंद्र साव को लेकर राजनीतिक विवाद और सार्वजनिक
बयानबाजी लगातार चर्चा में रही है।पुराने वीडियो और
टाइगर फोर्स को लेकर सवाल
15 साल तक प्रतिनिधित्व
के बाद भी सड़क की समस्या क्यों
चुनावी हार को लेकर
भी साधा निशाना
अनिल मिश्रा का नाम
लेकर लगाए आरोप
“बाप-बेटी का खेल”
टिप्पणी
“व्यापार करना गलत
नहीं, अब आराम की जरूरत”














