BRICS क्या है? जानें पूरा इतिहास, सदस्य देश और भारत की भूमिका
BRICS: दुनिया की बदलती आर्थिक और राजनीतिक व्यवस्था में BRICS एक महत्वपूर्ण वैश्विक मंच के रूप में उभरा है। इसमें दुनिया की कई बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं। यह मंच आर्थिक सहयोग के साथ-साथ राजनीतिक और कूटनीतिक मुद्दों पर भी सदस्य देशों के बीच समन्वय का माध्यम है। अगर आप UPSC, SSC, रेलवे, बैंकिंग या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो BRICS का इतिहास, इसके सदस्य देश, विस्तार और भारत की भूमिका जानना आपके लिए बेहद उपयोगी हो सकता है। आइए जानते हैं BRICS क्या है, इसकी शुरुआत कैसे हुई और भारत इसमें कितना महत्वपूर्ण है। BRICS उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और कूटनीतिक सहयोग का एक महत्वपूर्ण मंच है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाना और वैश्विक शासन व्यवस्था में विकासशील देशों की भूमिका एवं आवाज को मजबूत करना है। BRICS का नाम इसके शुरुआती सदस्य देशों के अंग्रेजी नामों के पहले अक्षरों से बना था—Brazil, Russia, India, China और South Africa। समय के साथ समूह का विस्तार हुआ और अब इसमें कुल 11 पूर्ण सदस्य देश शामिल हैं। वर्तमान में BRICS के 11 पूर्ण सदस्य देश हैं— BRICS की कहानी BRIC से शुरू होती है। वर्ष 2001 में Goldman Sachs के अर्थशास्त्री जिम ओ'नील ने ब्राजील, रूस, भारत और चीन जैसी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं के लिए BRIC शब्द का इस्तेमाल किया था। इसके बाद वर्ष 2006 में ब्राजील, रूस, भारत और चीन ने एक साथ मिलकर BRIC के रूप में सहयोग शुरू किया। BRIC का पहला शिखर सम्मेलन 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में आयोजित हुआ। इसके बाद समूह का विस्तार हुआ। वर्ष 2010 में दक्षिण अफ्रीका को समूह में शामिल करने का फैसला हुआ। इसके बाद 2011 में दक्षिण अफ्रीका ने पहली बार BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद BRIC का नाम BRICS हो गया। इसके बाद 2023 में दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन में समूह के विस्तार का फैसला किया गया। वर्ष 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात समूह में शामिल हुए। इसके बाद इंडोनेशिया 2025 में पूर्ण सदस्य बना। इस तरह BRICS के पूर्ण सदस्यों की संख्या बढ़कर 11 हो गई। भारत BRICS के संस्थापक देशों में से एक है। 2006 में BRIC के गठन के समय से ही भारत इसका हिस्सा रहा है। भारत BRICS के मंच के जरिए विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने, वैश्विक संस्थाओं में सुधार, आर्थिक सहयोग और बहुपक्षीय व्यवस्था को अधिक प्रतिनिधित्व वाला बनाने जैसे मुद्दों पर जोर देता रहा है। BRICS के माध्यम से भारत सदस्य देशों के साथ आर्थिक, शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में सहयोग करता है। भारत ने 2012, 2016 और 2021 में BRICS की अध्यक्षता की थी। इसके अलावा आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार 2026 में भी भारत BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। BRICS के प्रमुख उद्देश्यों में सदस्य देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना और वैश्विक मंचों पर विकासशील देशों की भूमिका को मजबूत करना शामिल है। इसके अलावा सदस्य देश—BRICS क्या है?
BRICS में वर्तमान में कितने देश हैं?
क्रम संख्या सदस्य देश अंग्रेजी नाम सदस्यता 1 ब्राजील Brazil 2006 2 रूस Russia 2006 3 भारत India 2006 4 चीन China 2006 5 दक्षिण अफ्रीका South Africa 2010 6 मिस्र Egypt 2024 7 इथियोपिया Ethiopia 2024 8 ईरान Iran 2024 9 सऊदी अरब Saudi Arabia 2024 10 संयुक्त अरब अमीरात United Arab Emirates (UAE) 2024 11 इंडोनेशिया Indonesia 2025 BRICS का पूरा इतिहास
दक्षिण अफ्रीका के जुड़ने से बना BRICS
BRICS में भारत की भूमिका कितनी अहम है?
BRICS का मुख्य उद्देश्य क्या है?














