UP News: चित्रकूट के पॉश इलाके में बुधवार देर शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कलेक्ट्रेट रोड के पास एक विशालकाय अजगर दिखाई दिया। करीब 10 से 15 फीट लंबे अजगर को देखने के लिए देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गई। हैरानी की बात यह रही कि अजगर से दूरी बनाए रखने के बजाय कई लोग उसका वीडियो बनाने के लिए उसके बेहद करीब पहुंच गए।

मामला कलेक्ट्रेट रोड स्थित एक कॉलेज के दूसरे गेट के पास का है। बताया जा रहा है कि देर शाम एक राहगीर की नजर नाले के पास बैठे अजगर पर पड़ी। इसके बाद इसकी खबर आसपास के लोगों तक पहुंची और कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।

VIDEO बनाने की होड़, अजगर के बेहद करीब पहुंची भीड़

विशालकाय अजगर को देखने के लिए लोगों में ऐसी उत्सुकता दिखी कि कई लोग अपनी जान की परवाह किए बिना उसके काफी करीब पहुंच गए। लोग मोबाइल फोन निकालकर VIDEO बनाने लगे।

भीड़ बढ़ने के कारण मौके पर अफरातफरी जैसी स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और लोगों को अजगर से दूर कराया। इसके बाद वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई।

घंटों की मशक्कत के बाद वन विभाग ने किया रेस्क्यू

सूचना मिलते ही कर्वी क्षेत्र के रेंजर और वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने काफी सावधानी के साथ अजगर को पकड़ने का अभियान शुरू किया।

कई घंटे की मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने विशालकाय अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद उसे रिहायशी इलाके से दूर जंगल में सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया।

बारिश और बाढ़ के बाद आबादी में पहुंचा अजगर?

डीएफओ प्रत्यूष कुमार कटियार के मुताबिक, रेस्क्यू किया गया अजगर एक वयस्क इंडियन रॉक पाइथन था और उसकी लंबाई करीब 10 से 15 फीट थी।

वन विभाग के अनुसार, यह प्रजाति सामान्य तौर पर जंगल और प्राकृतिक इलाकों में पाई जाती है। हाल में हुई बारिश और बाढ़ के कारण इसके प्राकृतिक आवास में पानी भरने के बाद इसके आबादी वाले इलाके की ओर आने की संभावना जताई गई है।

हालांकि, अजगर के रिहायशी इलाके में पहुंचने के सटीक कारण की पुष्टि वन विभाग की ओर से नहीं की गई है।

अजगर से ज्यादा भीड़ बनी चर्चा का विषय

इस पूरी घटना में विशालकाय अजगर को देखकर लोगों का डरना स्वाभाविक था, लेकिन मौके पर मौजूद भीड़ का उसके बेहद करीब जाकर VIDEO बनाना भी चर्चा का विषय रहा।

वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी जंगली जानवर के सामने अचानक भीड़ जुटाना उसके लिए भी तनावपूर्ण हो सकता है और लोगों के लिए भी जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे मामलों में सुरक्षित दूरी बनाए रखना और तुरंत वन विभाग को सूचना देना ही सबसे बेहतर कदम है।

फिलहाल वन विभाग ने अजगर को रेस्क्यू कर उसके प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया है। इससे इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है।