धर्म अध्यात्म
नई दिल्ली: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। यह व्रत प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष काल में विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने पर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के कष्ट दूर होते हैं। वर्ष 2026 के अगस्त माह में सावन का पवित्र महीना होने के कारण इस दौरान पड़ने वाले सोम प्रदोष और भौम प्रदोष व्रत का विशेष महत्व माना गया है।
नई दिल्ली: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती है। सावन मास में आने वाली कामिका एकादशी इस वर्ष 9 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत, मंत्र जाप और दान-पुण्य करने से आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है तथा जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है।
रांची: सावन माह में बाबा भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और कांवरियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रांची नगर निगम (RMC) ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार चुटिया स्थित स्वर्णरेखा नदी घाट पर 100 बेड का अस्थायी आश्रयगृह बनाया जाएगा, जहां श्रद्धालु विश्राम कर सकेंगे।
भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा आज आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से श्रद्धा और भक्ति के साथ शुरू हो गई। ओडिशा के पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा अपने-अपने भव्य रथों पर सवार होकर गुंडिचा मंदिर (मौसी घर) के लिए रवाना हुए।
भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा इस वर्ष 16 जुलाई 2026 को श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली जाएगी। इस पावन अवसर पर भक्त अपने परिवार, मित्रों और प्रियजनों को शुभकामना संदेश भेजकर महाप्रभु का आशीर्वाद साझा करते हैं।
विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला-2026 को लेकर देवघर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बड़ी तैयारी पूरी कर ली है। बाबा बैद्यनाथ मंदिर में भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया नया ओवरब्रिज अब लगभग पूरी तरह तैयार है।
भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध वार्षिक रथयात्रा महोत्सव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। सनातन परंपरा के अनुसार इस महोत्सव की शुरुआत देव स्नान यात्रा (स्नान पूर्णिमा) से होती है। इसके बाद भगवान जगन्नाथ भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा 15 दिनों तक अनवसर (एकांतवास) में रहेंगे।
जम्मू-कश्मीर में 3 जुलाई से शुरू होने वाली पवित्र अमरनाथ यात्रा को लेकर केंद्र सरकार ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय MHA ने यात्रा की सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों CAPFs की 670 अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दी है.
वट सावित्री व्रत हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में से एक माना जाता है। इस वर्ष यह व्रत 16 मई 2026 को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह व्रत पति की लंबी आयु सुख समृद्धि और अखंड सौभाग्य के लिए रखा जाता है।
देवघर में भादो पूर्णिमा के बाद अढ़ैया मेला शुरू, हजारों श्रद्धालु पैदल यात्रा कर बाबा वैद्यनाथ पर जलार्पण कर रहे हैं. जिला प्रशासन ने सुगमता और सुरक्षा सुनिश्चित की.
पूर्व मंत्री ने पंडित प्रदीप मिश्रा के खिलाफ की कार्रवाई की मांग, मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग ने मामले का लिया है संज्ञानसीहोर, 07 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में पिछले तीन दिन में कुबेरेश्वर धाम में आयोजित कांवड़ यात्रा में शामिल होने आए सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई।
तोरपा के मेन रोड स्थित बजरंग बली मंदिर में 24 घंटे का अखंड कीर्तन और हरिनाम जाप मंगलवार की शाम पांच बजे से शुरू हो गया। इसका समापन बुधवार की शाम को होगा।


























