मुंबई: गणेशोत्सव की तैयारियों के बीच मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा के 2026 के पहले लुक और वीडियो ने भक्तों का ध्यान खींचा है। इस बार लालबागचा राजा का दरबार भगवान शिव शंकर की थीम पर आधारित है। बप्पा के पारंपरिक और राजसी स्वरूप के साथ पूरे पंडाल की सजावट में शिव तत्व और मंदिर शैली की झलक दिखाई दे रही है।

पहली झलक सामने आने के बाद भक्तों में उत्साह का माहौल है। इस बार आकर्षण सिर्फ गणपति की प्रतिमा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे दरबार को धार्मिक और भव्य स्वरूप देने की तैयारी की गई है।

Lalbaugcha Raja 2026 Theme: शिव शंकर की थीम पर सजा दरबार

हर साल लालबागचा राजा की प्रतिमा के साथ पंडाल की थीम भी श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहती है। 2026 में भगवान शिव शंकर को थीम बनाया गया है।

पंडाल के प्रवेश द्वार से लेकर मुख्य मंडप तक शिव से जुड़े प्रतीकों और मंदिर शैली की सजावट का प्रभाव नजर आता है। विशाल त्रिशूल समेत भगवान शिव से जुड़े कई धार्मिक प्रतीकों को सजावट का हिस्सा बनाया गया है।

इस बार श्रद्धालुओं को गणपति दर्शन के साथ गणेश और शिव तत्व को एक साथ दर्शाने वाली भव्य धार्मिक प्रस्तुति देखने को मिलेगी।

14 सितंबर से गणेशोत्सव, 25 सितंबर तक चलेगा आयोजन

गणेश चतुर्थी 2026 की शुरुआत 14 सितंबर से होगी। लालबागचा राजा का गणेशोत्सव अनंत चतुर्दशी यानी 25 सितंबर तक चलेगा।

मंडल के अनुसार, इस वर्ष लालबागचा राजा का 93वां गणेशोत्सव आयोजित किया जा रहा है। गणेशोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मुंबई पहुंचने की उम्मीद है।

Lalbaugcha Raja History: 1934 में शुरू हुई थी परंपरा

आज लालबागचा राजा मुंबई के सबसे प्रसिद्ध गणपति पंडालों में शामिल है, लेकिन इसकी शुरुआत स्थानीय लोगों की आस्था और उनकी जरूरत से जुड़ी कहानी से हुई थी।

लालबाग क्षेत्र में रहने वाले मछुआरों और छोटे व्यापारियों के लिए 1932 में पेरू चॉल का बाजार बंद हो गया था। इससे स्थानीय लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया।

स्थायी बाजार के लिए स्थानीय मछुआरों और व्यापारियों ने भगवान गणेश के सामने संकल्प किया। बाद में बाजार के लिए जगह मिलने और उनकी मांग पूरी होने के बाद 1934 में यहां गणपति की प्रतिमा स्थापित की गई।

इसके बाद यही परंपरा आगे बढ़ते हुए लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल के रूप में स्थापित हुई।

क्यों कहलाते हैं ‘नवसाचा गणपति’?

लालबागचा राजा को भक्त श्रद्धा से ‘नवसाचा गणपति’ कहते हैं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना पूरी होती है।

इसी आस्था और वर्षों पुरानी परंपरा के कारण लालबागचा राजा मुंबई के सबसे लोकप्रिय गणपति उत्सवों में शामिल है।