40 लाख के फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के उद्घाटन में पत्रकारों से बदसलूकी का आरोप, सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर भी उठे सवाल
हजारीबाग: जिले में करीब 40 लाख रुपये की लागत से तैयार फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का उद्घाटन बड़े धूमधाम से किया गया। हालांकि, उद्घाटन के दौरान पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम की कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों को रेस्टोरेंट से बाहर कर दिया गया। इसके पीछे रेस्टोरेंट की निर्धारित क्षमता 20 लोगों की होने का हवाला दिया गया। लेकिन पत्रकारों को बाहर निकालने के बाद भी अंदर 20 से अधिक लोगों की मौजूदगी ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, उद्घाटन कार्यक्रम की कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों को फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के अंदर जाने से रोक दिया गया। बताया गया कि रेस्टोरेंट की क्षमता महज 20 लोगों की है और इससे अधिक लोगों को अंदर रखने की अनुमति नहीं है। पत्रकारों को बाहर निकालने की कार्रवाई हजारीबाग के डीपीओ पंकज कुमार तिवारी के निर्देश पर किए जाने की बात सामने आई है। मामले में सवाल तब उठा, जब पत्रकारों को क्षमता का हवाला देकर बाहर कर दिया गया, लेकिन रेस्टोरेंट के अंदर 20 से अधिक लोग मौजूद दिखाई दिए। इनमें सांसद, विधायक, उपायुक्त (DC), पुलिस अधीक्षक (SP) समेत कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल थे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि फ्लोटिंग रेस्टोरेंट की निर्धारित क्षमता 20 लोगों की थी, तो फिर इससे अधिक लोगों को अंदर रहने की अनुमति कैसे दी गई? क्या क्षमता का नियम सभी के लिए समान रूप से लागू नहीं होना चाहिए था? मामला केवल निर्धारित क्षमता तक सीमित नहीं है। फ्लोटिंग रेस्टोरेंट में मौजूद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठे हैं। सामने आई तस्वीरों में कई लोग बिना लाइफ जैकेट के नजर आ रहे हैं। फ्लोटिंग रेस्टोरेंट में पानी के बीच आवाजाही के दौरान लाइफ जैकेट जैसे सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में उद्घाटन के दौरान ही इसके इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंता पैदा करता है। बताया गया कि उद्घाटन कार्यक्रम समाप्त होने और अधिकारियों के वहां से जाने के बाद भी फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का संचालन जारी रहा। इस दौरान भी 20 से अधिक लोग बिना लाइफ जैकेट के रेस्टोरेंट में घूमते नजर आए। इस घटनाक्रम के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या फ्लोटिंग रेस्टोरेंट के संचालन के दौरान निर्धारित क्षमता और सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है? यदि इसकी क्षमता तकनीकी कारणों से 20 लोगों तक सीमित है, तो इससे अधिक लोगों को प्रवेश कैसे मिल रहा है? वहीं, बिना लाइफ जैकेट के लोगों को रेस्टोरेंट में जाने की अनुमति किस आधार पर दी जा रही है? करीब 40 लाख रुपये की लागत से तैयार फ्लोटिंग रेस्टोरेंट को जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। लेकिन उद्घाटन के पहले ही दिन सामने आए घटनाक्रम ने इसकी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।पत्रकारों को बाहर किया, अंदर मौजूद रहे 20 से अधिक लोग
बिना लाइफ जैकेट के नजर आए अधिकारी और जनप्रतिनिधि
उद्घाटन के बाद भी जारी रहा संचालन
पर्यटन सुविधा के साथ सुरक्षा भी जरूरी














