दिवाली के बाद यूपी में BJP का मेगा मिशन! 18 मंडलों में PM मोदी की रैलियों की तैयारी, शाह-नितिन नवीन भी संभालेंगे मोर्चा
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अभी से संगठनात्मक तैयारियां तेज करने की रणनीति बनाई है। दिवाली के बाद नवंबर और दिसंबर में प्रदेशव्यापी अभियान चलाने की योजना है। इसके तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपने की तैयारी है। प्रस्तावित रणनीति के अनुसार, पार्टी का फोकस केवल बड़ी जनसभाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिला, विधानसभा और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर भी जोर दिया जाएगा। बीजेपी का उद्देश्य 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और जनता के बीच अपनी पहुंच मजबूत करना है। बीजेपी के प्रस्तावित अभियान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे बड़ा चेहरा होंगे। योजना के मुताबिक, प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश के सभी 18 प्रशासनिक मंडलों में रैलियां कर सकते हैं। इन सभाओं के जरिए पार्टी प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने और सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने की कोशिश करेगी। इन रैलियों का उद्देश्य केवल भीड़ जुटाना नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाना और संगठन को चुनावी मोड में लाना भी होगा। पार्टी राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रभाव को विधानसभा स्तर पर संगठन की सक्रियता से जोड़ना चाहती है। प्रधानमंत्री की रैलियों के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका संगठनात्मक तैयारियों पर केंद्रित रहने की संभावना है। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत शाह विभिन्न क्षेत्रों में जनसभाओं और बूथ स्तरीय सम्मेलनों में हिस्सा ले सकते हैं। इसके अलावा जिलों के दौरे और संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठकें भी अभियान का हिस्सा हो सकती हैं। बीजेपी की चुनावी रणनीति में बूथ प्रबंधन को अहम माना जाता है। ऐसे में शाह की भूमिका स्थानीय संगठन की स्थिति का जायजा लेने और कमजोरियों को दूर करने पर भी केंद्रित रह सकती है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को विधानसभा क्षेत्र स्तर पर अभियान को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी देने की योजना है। इसके तहत जनसंपर्क कार्यक्रमों, स्थानीय सभाओं और संगठनात्मक गतिविधियों के माध्यम से पार्टी की पहुंच बढ़ाने पर जोर रहेगा। इस रणनीति में प्रधानमंत्री बड़े स्तर पर राजनीतिक संदेश देंगे, अमित शाह संगठन और चुनावी प्रबंधन पर ध्यान देंगे, जबकि राष्ट्रीय अध्यक्ष विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी की गतिविधियों को गति देने की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस अभियान में अहम भूमिका निभाएंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री जिला स्तर पर रैलियां कर सकते हैं और राज्य सरकार की योजनाओं तथा उपलब्धियों को जनता के सामने रखेंगे। जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों के जरिए बीजेपी स्थानीय मुद्दों और मतदाताओं की अपेक्षाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करेगी। पार्टी का जोर सरकार के कामकाज और संगठन की ताकत को एक साथ जनता के बीच रखने पर रहेगा। प्रस्तावित रणनीति के मुताबिक, 20 नवंबर के बाद बीजेपी का जमीनी अभियान तेज हो सकता है। इस दौरान बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं और छोटी टीमों को सक्रिय करने की तैयारी है। योजना के तहत प्रत्येक बूथ की टीम को कम से कम 50 परिवारों तक सीधे पहुंचने का लक्ष्य दिया जा सकता है। इस जनसंपर्क अभियान के दौरान लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, पार्टी की उपलब्धियों और स्थानीय स्तर पर किए गए कार्यों की जानकारी दी जाएगी। घर-घर संपर्क के माध्यम से मतदाताओं से सीधा संवाद स्थापित करने पर जोर रहेगा। 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं से भी संपर्क बढ़ाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित अभियान में युवाओं के साथ संवाद और सरकार की पहलों की जानकारी साझा करने पर जोर दिया जा सकता है। इसके साथ डिजिटल प्रचार को भी अभियान का हिस्सा बनाने की योजना है। स्थानीय कार्यकर्ताओं को रैलियों, बैठकों और जनसंपर्क कार्यक्रमों की तस्वीरें, वीडियो और अपडेट सोशल मीडिया पर साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। बीजेपी के इस प्रस्तावित अभियान का दायरा राष्ट्रीय नेतृत्व से लेकर बूथ स्तर तक रखा गया है। एक ओर बड़े नेताओं की रैलियों के जरिए राजनीतिक संदेश देने की तैयारी है, तो दूसरी ओर जिला, विधानसभा और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर जोर रहेगा। हालांकि, अभियान की अंतिम रूपरेखा और कार्यक्रमों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी। फिलहाल नवंबर-दिसंबर की तैयारियों से संकेत मिल रहे हैं कि बीजेपी 2027 के विधानसभा चुनाव से काफी पहले उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाना चाहती है।18 मंडलों में PM मोदी की रैलियों की तैयारी
अमित शाह संभालेंगे संगठन और चुनावी प्रबंधन
विधानसभा क्षेत्रों पर नितिन नवीन का फोकस
योगी आदित्यनाथ भी होंगे अभियान का प्रमुख चेहरा
20 नवंबर के बाद तेज होगा जमीनी अभियान
युवा मतदाताओं पर भी रहेगी नजर
चुनाव से पहले संगठन की ताकत परखने की तैयारी














