मुंबई: हवाई सफर को आरामदायक और सुविधाजनक माना जाता है, लेकिन स्पाइसजेट की एक फ्लाइट के यात्रियों को ऐसा अनुभव हुआ, जिसे वे शायद ही कभी भूल पाएंगे। मुंबई से गोरखपुर जाने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट SG553 को आखिरी वक्त पर रद्द कर दिया गया। इसके बाद यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे हो गए कि कुछ यात्रियों को मुंबई एयरपोर्ट के टारमैक पर ही रात गुजारनी पड़ी। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में यात्री विमान के नीचे लेटकर इंतजार करते नजर आए।

यह घटना 1 नवंबर 2026 की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, फ्लाइट में पहले ही कई बार देरी हो चुकी थी। इसके बावजूद यात्रियों को विमान में बोर्डिंग की अनुमति दी गई। यात्री विमान में सवार हुए, सुरक्षा संबंधी ब्रीफिंग भी पूरी हुई और करीब एक घंटे तक विमान के अंदर इंतजार करते रहे। लेकिन उड़ान भरने से पहले ही फ्लाइट रद्द होने की घोषणा कर दी गई।

वायरल वीडियो में दिखी यात्रियों की परेशानी

फ्लाइट रद्द होने के बाद एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कई यात्री नाराजगी जताते और एयरलाइन से जवाब मांगते नजर आ रहे हैं। वहीं, बच्चों के रोने और यात्रियों के परेशान होने के दृश्य भी सामने आए हैं।

यात्री विजय लक्ष्मी माल्या ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर वीडियो साझा करते हुए इस अनुभव पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें इस तरह विमान के नीचे लेटना पड़ेगा। वीडियो में अन्य यात्री भी टारमैक पर बैठे और खड़े होकर इंतजार करते दिखाई दे रहे हैं।

यात्री ने आरोप लगाया कि फ्लाइट रद्द होने की घोषणा के बाद पायलट और क्रू मेंबर वहां से चले गए, जबकि यात्री मदद और आगे की व्यवस्था का इंतजार करते रहे। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर एयरलाइन की व्यवस्था और यात्रियों को दी गई सुविधाओं को लेकर सवाल उठने लगे।

आखिर क्यों रद्द हुई फ्लाइट?

स्पाइसजेट ने फ्लाइट रद्द होने के पीछे परिचालन संबंधी कारण बताया है। एयरलाइन के मुताबिक, गोरखपुर एयरपोर्ट पर 'वॉच-ऑवर' यानी परिचालन समय को लेकर पाबंदियां हैं। गोरखपुर एक डिफेंस एयरपोर्ट है, जहां रात 9 बजे के बाद विमानों के परिचालन की अनुमति नहीं है। इसी वजह से फ्लाइट SG553 को रद्द करना पड़ा।

यात्रियों ने बोर्डिंग को लेकर उठाए सवाल

हालांकि, एयरलाइन की सफाई के बावजूद यात्रियों की नाराजगी कम नहीं हुई। यात्रियों का सवाल है कि जब गोरखपुर एयरपोर्ट पर रात 9 बजे के बाद विमान उतारने की अनुमति नहीं है, तो फिर यात्रियों को विमान में बोर्डिंग क्यों कराई गई?

यात्रियों के मुताबिक, फ्लाइट के समय में कई बार बदलाव किया गया। इसके बाद उन्हें विमान में बैठाया गया, सेफ्टी ब्रीफिंग भी हुई और करीब एक घंटे तक इंतजार कराया गया। ऐसे में आखिरी समय पर फ्लाइट रद्द करना एयरलाइन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

2 नवंबर को अतिरिक्त फ्लाइट की व्यवस्था

स्पाइसजेट ने यात्रियों की परेशानी पर खेद जताते हुए माफी मांगी है। एयरलाइन ने बताया कि फंसे हुए यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए 2 नवंबर को एक अतिरिक्त कमर्शियल फ्लाइट की व्यवस्था की गई है।

फिलहाल, इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। यात्रियों की नाराजगी के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि परिचालन संबंधी पाबंदियों की जानकारी होने के बावजूद बोर्डिंग की अनुमति क्यों दी गई और इस पूरी अव्यवस्था की जवाबदेही कौन तय करेगा?