धनबाद: धनबाद जंक्शन पर मंगलवार को गोमो-आसनसोल पैसेंजर ईएमयू ट्रेन के निर्धारित प्लेटफॉर्म के बजाय लूप लाइन में चले जाने से यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। प्लेटफॉर्म नंबर एक और दो के बीच स्थित लूप लाइन पर ट्रेन के पहुंचने से यात्री असमंजस में पड़ गए। इस घटना के बाद स्टेशन की रेल परिचालन व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

निर्धारित प्लेटफॉर्म के बजाय लूप लाइन में पहुंची ट्रेन

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोमो-आसनसोल पैसेंजर ट्रेन को निर्धारित प्लेटफॉर्म पर पहुंचना था, लेकिन वह प्लेटफॉर्म नंबर एक और दो के बीच स्थित लूप लाइन में चली गई। अचानक ट्रेन को दूसरे ट्रैक पर देखकर यात्रियों और स्टेशन पर मौजूद लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।

यात्रियों के बीच यह चर्चा होने लगी कि आखिर ट्रेन को लूप लाइन पर किस आधार पर भेजा गया और परिचालन के दौरान यह स्थिति कैसे बनी?

ट्रैक पर उतरकर ट्रेन में चढ़ने को मजबूर हुए यात्री

घटना के दौरान कुछ यात्रियों को रेलवे ट्रैक पर उतरकर पैसेंजर ट्रेन में चढ़ते देखा गया। इससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई। लोगों का सवाल है कि यदि इसी दौरान दूसरे ट्रैक पर कोई ट्रेन आ जाती तो गंभीर हादसा हो सकता था।

हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

सिग्नलिंग में गड़बड़ी या मानवीय चूक?

ट्रेन के गलत लाइन पर पहुंचने के बाद रेलवे की सिग्नलिंग व्यवस्था और परिचालन प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रेन के लूप लाइन में जाने के पीछे तकनीकी कारण था या परिचालन स्तर पर कोई मानवीय चूक हुई। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

यात्रियों ने जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की

घटना के बाद यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग की है। यात्रियों का कहना है कि रेल परिचालन में इस तरह की स्थिति उनकी सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

अब सबकी नजर रेलवे प्रशासन के रुख पर है। यह देखना अहम होगा कि मामले की जांच में क्या कारण सामने आते हैं और भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।