दुर्गा पूजा की कमाई बनी पुजारी की मौत की वजह, दो दोस्तों ने मिलकर की मुन्ना पांडेय की हत्या
धनबाद: दोस्ती का भरोसा, साथ बैठकर खाना-पीना और घर में बेरोकटोक आना-जाना। लेकिन इसी रिश्ते के पीछे छिपा था लालच और एक खौफनाक साजिश। दुर्गा पूजा के दौरान हुई कमाई पर नजर ऐसी गड़ी कि दो दोस्तों ने ही अपने साथी की जान ले ली। धनबाद के कतरास स्थित लिलोरी मंदिर के पुजारी मुन्ना पांडेय हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने मृतक के दो करीबी दोस्तों सोनू कुमार रॉय उर्फ बजरंगी और मिथुन गोप को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने पहले पुजारी के साथ बैठकर शराब पी और फिर घर में रखी दुर्गा पूजा की कमाई चुराने की कोशिश की। चोरी पकड़े जाने के डर से उन्होंने मुन्ना पांडेय की हत्या कर दी। पुलिस ने लगातार जांच और पूछताछ के बाद महज पांच दिनों में इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। बाघमारा अनुमंडल के कतरास थाना क्षेत्र स्थित आमटांड़ में 31 अक्टूबर की रात लिलोरी मंदिर के पुजारी मुन्ना पांडेय की हत्या कर दी गई थी। घटना की सूचना मिलते ही कतरास पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक ने बाघमारा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अजीत कुमार विमल के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) गठित की। टीम ने घटनास्थल से मिले सुराग और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार सोनू कुमार रॉय उर्फ बजरंगी और मिथुन गोप मृतक पुजारी के करीबी दोस्त थे। दोनों का मुन्ना पांडेय के घर आना-जाना था। साथ बैठकर खाना-पीना भी होता था। इसी दौरान आरोपियों को जानकारी मिली कि दुर्गा पूजा के समय पुजारी के पास अच्छी रकम जमा हुई है। पुलिस का कहना है कि इसके बाद दोनों की नजर घर में रखे उन पैसों पर टिक गई और उन्होंने चोरी की योजना बना ली। पुलिस की पूछताछ में सामने आई कहानी के मुताबिक, 31 अक्टूबर की रात दोनों आरोपी पुजारी के घर पहुंचे। वहां तीनों ने साथ बैठकर शराब पी। आरोप है कि इस दौरान मुन्ना पांडेय को अधिक शराब पिलाई गई, जिसके बाद वह सो गए। इसके बाद दोनों आरोपी घर में रखी दुर्गा पूजा की कमाई तलाशने लगे। इसी बीच कांसे का एक बर्तन गिरने से आवाज हुई और पुजारी की नींद खुल गई। उन्होंने दोनों को घर में सामान तलाशते देख लिया। पुलिस के अनुसार, यहीं से चोरी की कोशिश खूनी वारदात में बदल गई। पुलिस के मुताबिक, चोरी पकड़े जाने के डर से दोनों आरोपियों ने पहले इलेक्ट्रिक तार से पुजारी का गला दबाकर उन्हें बेहोश कर दिया। इसके बाद घर में रखे चाकू से हमला कर उनकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी घर से एलसीडी टीवी, कांसे के बर्तन और अन्य सामान लेकर फरार हो गए। जिस घर में कुछ देर पहले दोस्ती के नाम पर महफिल सजी थी, वहीं कुछ ही देर बाद हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने संदेह के आधार पर दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद हत्याकांड की पूरी कहानी सामने आई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अजीत कुमार विमल ने बताया कि मामले के उद्भेदन में SIT की अहम भूमिका रही। उन्होंने कहा कि जांच टीम में शामिल पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को पुरस्कृत करने के लिए वरीय पुलिस अधिकारियों से अनुशंसा की जाएगी। फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटी है। इस घटना ने भरोसे और दोस्ती के रिश्ते को लालच के हाथों टूटते देखने की एक दर्दनाक कहानी सामने रख दी है।31 अक्टूबर की रात आमटांड़ में हुई थी वारदात
दुर्गा पूजा की कमाई पर थी दोनों दोस्तों की नजर
शराब पिलाकर सोने का किया इंतजार, फिर घर में तलाशने लगे पैसे
इलेक्ट्रिक तार से गला दबाया, फिर चाकू से किया हमला
पूछताछ में खुला राज, SIT को मिलेगा पुरस्कार














