जोधपुर-पानी-संकट-ग्रामीणों-का-प्रदर्शन-खाली-मटकियों-के-साथ-कलेक्टर-कार्यालय-घेराव
राजस्थान
के जोधपुर जिले के लूणी
विधानसभा क्षेत्र में पेयजल संकट को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट
पड़ा। क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में लोग जिला कलेक्टर कार्यालय
पहुंचे और खाली मटकियों बैनरों
व तख्तियों के साथ प्रदर्शन कर प्रशासन से पानी की समस्या का स्थायी समाधान करने
की मांग की। प्रदर्शन
में शामिल ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि लूणी क्षेत्र
के कई गांव लंबे समय से गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। गर्मी बढ़ने के साथ स्थिति
और भी खराब हो गई है। लोगों को पीने का पानी लाने के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़
रहा है। ग्रामीणों
के अनुसार महिलाओं बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक
परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायतें और ज्ञापन
देने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों
ने बताया कि 25 मई
को लगभग 150 गांवों के
प्रतिनिधियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पेयजल संकट दूर करने की मांग की थी। उस
समय अधिकारियों को 15 दिनों
का अल्टीमेटम दिया गया था। हालांकि तय समय सीमा समाप्त होने के बाद भी
स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसी के विरोध में ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय
पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों
ने कहा कि पिछले दो दिनों में कुछ इलाकों में पाइपलाइन के माध्यम से पानी की
आपूर्ति शुरू की गई है लेकिन
यह केवल अस्थायी राहत है। उनका कहना है कि पूरे क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक और
स्थायी जल प्रबंधन योजना की आवश्यकता है। ग्रामीणों
का आरोप है कि यदि प्रशासन समय रहते सक्रिय होता तो
लोगों को भीषण गर्मी में सड़क पर उतरने की नौबत नहीं आती। ग्रामीणों
ने मांग की कि लूणी क्षेत्र के सभी गांवों में सालभर नियमित और पर्याप्त पेयजल
उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना है कि स्वच्छ पेयजल प्रत्येक नागरिक का मूलभूत अधिकार
है। प्रदर्शनकारियों
ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया
जाएगा। फिलहाल ग्रामीण प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप और स्थायी समाधान की मांग कर
रहे हैं।खाली
मटकियों के साथ किया प्रदर्शन
150 गांवों
की ओर से दिया गया था ज्ञापन
अस्थायी
व्यवस्था से नहीं होगा समाधान
बड़े
आंदोलन की चेतावनी














