दुबई: फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर विमान में हुए हमले की खबर मिलने के बाद उनकी पत्नी सोनल के लिए शुरुआती समय बेहद मुश्किल रहा। सोनल ने बताया कि पति के साथ विमान में हुई घटना की जानकारी मिलते ही वह बुरी तरह घबरा गई थीं और उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि खुद को कैसे संभालें। परिवार और दोस्तों के साथ के अलावा भारतीयों की दुआओं और अधिकारियों से मिली जानकारी ने उन्हें इस मुश्किल समय में हिम्मत दी।

30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके सह-पायलट ने कथित तौर पर हमला किया था। घटना के दौरान विमान की स्थिति बिगड़ने के बाद उसे सऊदी अरब के ताबुक की ओर डायवर्ट किया गया और विमान को सुरक्षित उतारा गया। घटना की परिस्थितियों की जांच जारी है।

शुरुआती जानकारी मिलने का वक्त सबसे मुश्किल

CNN-News18 से बातचीत में सोनल ने बताया कि घटना की शुरुआती जानकारी मिलने के बाद उनके लिए सबसे कठिन समय वह था, जब उन्हें स्मित की स्थिति के बारे में पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही थी। दोस्तों और परिवार के लोगों ने उन्हें संभाला और लगातार हिम्मत दी। भारतीय अधिकारियों से स्मित की स्थिति स्थिर होने की जानकारी मिलने के बाद उनकी चिंता कुछ कम हुई।

सोनल ने बताया कि परिवार और दोस्तों के भरोसे ने उन्हें इस मुश्किल वक्त में संभाले रखा। उन्हें जब यह जानकारी मिली कि स्मित खतरे से बाहर हैं और उन्हें मेडिकल सहायता मिल रही है, तब उन्हें कुछ राहत मिली।

अस्पताल में स्मित को देखकर मिला सुकून

सोनल ने बताया कि घटना के अगले दिन उनकी स्मित से मुलाकात हुई। अस्पताल में उन्हें देखकर उन्हें काफी सुकून मिला। उन्होंने बताया कि स्मित को डॉक्टरों की निगरानी में बेहतर मेडिकल केयर मिल रही है।

सोनल के मुताबिक, उन्होंने स्मित से विमान में हुई घटना को लेकर बातचीत नहीं की। फिलहाल उनका पूरा ध्यान स्मित के स्वास्थ्य और उनके जल्द घर लौटने पर है। उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि स्मित जल्द पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौटें और इसके लिए परिवार की ओर से हर जरूरी सहयोग दिया जाएगा।

पीएम मोदी ने भी की कैप्टन स्मित से बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की। इस दौरान स्मित ने उन्हें घटना के बारे में बताया और कहा कि उन्होंने हमले के दौरान कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की, ताकि विमान में मौजूद अन्य लोग स्थिति को संभाल सकें।

प्रधानमंत्री मोदी ने स्मित के साहस और सूझबूझ की सराहना की तथा उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। इससे पहले भी मोदी ने कैप्टन स्मित को 'हीरो' बताते हुए कहा था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरे लोगों की जान बचाने के लिए साहस दिखाया।