नई दिल्ली: भारतीय सेना में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में बदलाव हुआ है। लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क ने गुरुवार को डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (कैपेबिलिटी डेवलपमेंट एंड सस्टेनेंस) का पदभार संभाल लिया। इससे पहले वह पश्चिमी मोर्चे पर एक कोर के कमांडर के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

नई जिम्मेदारी के तहत लेफ्टिनेंट जनरल विर्क भारतीय सेना की क्षमता विकास और सस्टेनेंस से जुड़ी प्रमुख पहलों की निगरानी करेंगे। इसमें सेना की परिचालन क्षमताओं को मजबूत करने, आधुनिकीकरण से जुड़ी आवश्यकताओं और विभिन्न सैन्य प्रणालियों के प्रभावी रखरखाव से जुड़े कार्य शामिल हैं।

पश्चिमी मोर्चे पर संभाल चुके हैं अहम जिम्मेदारी

डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ का पद संभालने से पहले लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क पश्चिमी मोर्चे पर एक कोर के कमांडर थे। इस भूमिका में उन्होंने संबंधित क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और परिचालन तैयारियों की निगरानी की।

अब सेना मुख्यालय में नई जिम्मेदारी के साथ उनका फोकस भारतीय सेना की क्षमता को विकसित करने और उसे लंबे समय तक प्रभावी बनाए रखने से जुड़ी पहलों पर रहेगा।

जनरल धीरज सेठ ने चिनार कोर की तैयारियों का लिया था जायजा

इस बीच, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 25 सितंबर को नॉर्दर्न कमांड के तहत चिनार कोर के अग्रिम इलाकों और विभिन्न फॉर्मेशन का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने लाइन ऑफ कंट्रोल और अंदरूनी इलाकों में परिचालन तैयारियों तथा सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। वरिष्ठ कमांडरों ने उन्हें सुरक्षा माहौल, परिचालन तैयारियों और क्षमता विकास से जुड़ी पहलों की जानकारी दी थी।

सेना प्रमुख ने इस दौरान जवानों से बातचीत भी की और उनकी सतर्कता एवं परिचालन तैयारी की सराहना की। उन्होंने सेना की भविष्य की तैयारियों के लिए ‘VIJAY’ फ्रेमवर्क के तहत क्षमता निर्माण और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप तैयार रहने पर जोर दिया।

तंगधार में ऑपरेशन दृष्टि 2026 का भी जायजा

जनरल धीरज सेठ ने तंगधार में भारतीय सेना की ओर से आयोजित ऑपरेशन दृष्टि 2026 के तहत एडवांस्ड सर्जिकल आई कैंप का भी दौरा किया था। सेना के अनुसार, 23 से 30 सितंबर तक चलने वाले इस कैंप में 6,000 से अधिक मरीजों की स्क्रीनिंग और 400 से ज्यादा आंखों की सर्जरी की योजना थी।