कोलकाता: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव की मतगणना के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार हासीरानी रथ ने बड़ी बढ़त बना ली। कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान पीछे चल रहे हैं। यह मुकाबला इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि नंदीग्राम की राजनीति में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की भूमिका अहम रही है और विपक्षी दलों के बीच समर्थन को लेकर भी राजनीतिक बहस हो रही है।

हालांकि, भारत निर्वाचन आयोग की 9 अक्टूबर 2026 को सुबह 11:15 बजे तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नंदीग्राम में मतगणना के 15 में से केवल तीन राउंड पूरे हुए थे। उस समय BJP उम्मीदवार हासीरानी रथ को 34,820 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 7,370 वोट प्राप्त हुए थे। दोनों के बीच 27,450 वोटों का अंतर था। इसलिए उस समय के आंकड़ों के आधार पर अंतिम जीत या एक लाख से अधिक वोटों के अंतर का दावा करना सही नहीं होगा।

नंदीग्राम में BJP की मजबूत बढ़त

निर्वाचन आयोग के शुरुआती आंकड़ों में हासीरानी रथ कांग्रेस उम्मीदवार से काफी आगे दिखाई दीं। हालांकि, मतगणना पूरी होने और अंतिम परिणाम घोषित होने तक वोटों का अंतर बदल सकता है। ऐसे में चुनाव का अंतिम नतीजा जानने के लिए निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना जरूरी है।

नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों में शामिल है। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने इस सीट से जीत दर्ज की थी। मई 2026 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने यहां से जीत हासिल की थी। उपचुनाव में BJP की बढ़त को इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।

ममता बनर्जी के समर्थन की चर्चा

उपचुनाव में विपक्षी दलों के बीच समर्थन और उम्मीदवारों को लेकर भी चर्चा रही है। उपलब्ध खबरों में दावा किया गया है कि तृणमूल कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार बदलने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन दिया गया। हालांकि, समर्थन से जुड़े घटनाक्रम और उम्मीदवारों के मैदान छोड़ने के दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

यदि विपक्षी दलों के बीच समर्थन के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार को बढ़त नहीं मिलती है, तो यह राज्य में विपक्षी रणनीति को लेकर राजनीतिक सवाल खड़े कर सकता है। लेकिन मतगणना के शुरुआती रुझानों के आधार पर व्यापक जनमत या किसी मुद्दे के प्रभावहीन होने का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

वोट चोरी के आरोपों पर भी राजनीतिक बहस

कांग्रेस देश के अलग-अलग हिस्सों में चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाती रही है। वहीं, नंदीग्राम के उपचुनाव परिणाम को लेकर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी अहम होंगी। हालांकि, किसी एक सीट के शुरुआती रुझानों से वोट चोरी के आरोपों की सत्यता या उनके राजनीतिक प्रभाव पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। इन आरोपों का आकलन संबंधित तथ्यों और आधिकारिक प्रक्रियाओं के आधार पर किया जाना चाहिए।

नंदीग्राम के नतीजे पर टिकी निगाहें

नंदीग्राम उपचुनाव का परिणाम BJP, कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस—तीनों के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मतगणना पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि हासीरानी रथ कितने वोटों से जीतती हैं और विपक्षी दलों के समर्थन का चुनावी नतीजे पर क्या असर पड़ा।