जामताड़ा: गांधी मैदान में ग्राम प्रधान संघ की जिला स्तरीय बैठक जिला अध्यक्ष अजीत कुमार दुबे की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का संचालन करमाटांड़ के उपाध्यक्ष मुल्लेश्वर मरांडी ने किया। इस दौरान पेसा कानून के तहत ग्राम सभा के गठन, परंपरागत ग्राम प्रधानों के अधिकारों और सात माह से लंबित मानदेय भुगतान के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि झारखंड पेसा नियमावली, 2026 और संबंधित कानूनी प्रावधानों के अनुसार प्रधानी मौजा में परंपरागत ग्राम प्रधान को ग्राम सभा का पदेन अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए। इसके बावजूद पंचायत सचिवों द्वारा अन्य व्यक्तियों को अध्यक्ष चयनित किए जाने की शिकायत सामने आने पर संघ के सदस्यों ने नाराजगी जताई।

जिला अध्यक्ष अजीत कुमार दुबे ने कहा कि ग्राम सभा के सचिव और कोषाध्यक्ष का चयन ग्राम सभा के माध्यम से किया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कानूनी प्रावधानों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।

संघ के अनुसार, इस मामले को लेकर उपायुक्त आलोक कुमार दुबे, पंचायती राज पदाधिकारी पंकज कुमार और अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार से बातचीत की जा चुकी है। इसके बावजूद चयन प्रक्रिया जारी रहने की बात सामने आने पर सदस्यों ने चिंता जताई।

सात माह से मानदेय भुगतान लंबित

बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान सात माह की लंबित मासिक सम्मान राशि का भुगतान नहीं होने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। संघ के सदस्यों ने जिला प्रशासन से इस मामले में पहल कर बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की।

बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी प्रखंड अध्यक्ष मानदेय आवंटन से संबंधित दस्तावेज प्राप्त कर अपर समाहर्ता कार्यालय में जमा करेंगे। वहीं, जिला कमेटी संबंधित अधिकारियों के माध्यम से लंबित भुगतान का मामला राजस्व सचिव तक पहुंचाने की पहल करेगी।

ग्राम प्रधान संघ ने परंपरागत ग्राम प्रधानों के अधिकारों की रक्षा, ग्राम सभा के गठन में निर्धारित कानूनी प्रावधानों के अनुपालन और लंबित मानदेय के भुगतान की मांग को प्रमुखता से उठाया। अब इस मामले में जिला प्रशासन की पहल और आगे की कार्रवाई पर ग्राम प्रधानों की नजर है।