सरायकेला-खरसावां  जिले के कुकड़ू प्रखंड अंतर्गत ग्राम शीशी से निर्माणाधीन अल्पसंख्यक विद्यालय तक बिछाई गई बिजली लाइन को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी विद्युत लाइन निर्धारित पोल लगाने के बजाय सड़क किनारे खड़े पेड़ों के सहारे बिछाई गई है  जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

पेड़ों पर टंगे तार  कई जगह क्षतिग्रस्त होने का दावा

ग्रामीणों के अनुसार  बिजली के तार कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हैं और उनमें लीकेज जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। कुछ जगहों पर तार इतनी कम ऊंचाई पर लटके हुए हैं कि छोटे बच्चों के संपर्क में आने का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा कई स्थानों पर बिजली की लाइन निजी खेतों के ऊपर से भी गुजारी गई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत लाइन निर्माण में निर्धारित तकनीकी एवं सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया।

सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत अधिनियम  2003 और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के सुरक्षा नियमों के अनुसार बिजली लाइन का निर्माण निर्धारित मानकों और विद्युत पोल के माध्यम से किया जाना चाहिए। लेकिन इस परियोजना में कथित रूप से इन नियमों की अनदेखी की गई है।

मीटर से पहले बिजली उपयोग का भी आरोप

मामले की पड़ताल के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विद्यालय परिसर में मीटर तक बिजली आपूर्ति शुरू होने से पहले ही दूसरी लाइन से कनेक्शन जोड़कर बिजली का उपयोग किया जा रहा है। यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है  तो यह विद्युत नियमों के उल्लंघन और बिजली चोरी से संबंधित मामला हो सकता है।

सड़क क्षतिग्रस्त होने का भी आरोप

ग्रामीणों ने यह भी कहा कि विद्यालय निर्माण के दौरान भारी वाहनों के लगातार आवागमन से गांव की कच्ची सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे ग्रामीणों  विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने मांगी निष्पक्ष जांच

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और संवेदक से शिकायत की  लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच  दोषियों पर कार्रवाई और सुरक्षा मानकों के अनुरूप बिजली लाइन को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है।

फिलहाल बिजली विभाग या संबंधित एजेंसी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।