कोडरमा नाबालिग आदिवासी छात्रा से कथित यौन उत्पीड़न के मामले में जेल में बंद कोडरमा के पूर्व सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पुलिस ने उनके चालक राज आर्यन उर्फ छोटी उर्फ छोटू को रविवार को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मेडिकल जांच के बाद उसे न्यायिक हिरासत में कोडरमा जेल भेज दिया गया।

चालक पर पीड़िता के परिजनों पर मामले को मैनेज करने, केस वापस लेने का दबाव बनाने, धमकी देने और प्रलोभन देने के आरोप हैं। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है।

पूर्व सिविल सर्जन के निर्देश पर नाबालिग को लाने-ले जाने का आरोप

पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान सामने आया है कि राज आर्यन कथित तौर पर डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर नाबालिग छात्रा को लाने और वापस छोड़ने का काम करता था। आरोप है कि मामला सामने आने के बाद उसने पीड़िता के परिजनों पर केस वापस लेने का दबाव बनाया।

इसके अलावा, पीड़िता की मेडिकल जांच नहीं कराने के लिए दबाव बनाने के आरोपों में भी उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।

पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी

बताया गया कि शुरुआती पूछताछ के दौरान राज आर्यन ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया था। हालांकि, तकनीकी साक्ष्यों और आगे की जांच के आधार पर पुलिस ने उसे बरही से हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद रविवार को उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

11 अक्टूबर से जेल में बंद हैं पूर्व सिविल सर्जन

गौरतलब है कि पूर्व सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार इस मामले में 11 अक्टूबर से जेल में बंद हैं। मामला उस समय सामने आया था, जब पीड़िता अपनी मां के इलाज के सिलसिले में सिविल सर्जन के संपर्क में आई थी। इसके बाद पीड़िता की शिकायत पर कोडरमा महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई।

मामले में पुलिस की जांच जारी है। चालक पर लगे आरोपों और कथित घटनाक्रम की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी। पुलिस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।