जामताड़ा SIR-2026: 31 अक्टूबर तक सुनवाई और सत्यापन पूरा करने का निर्देश, 4 नवंबर को होगा प्रपत्र-2 का प्रकाशन
जामताड़ा मतदाता सूची के विशेष
गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 को
लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त आलोक कुमार ने सभी निर्वाचक निबंधन
पदाधिकारियों (ERO) और
सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (AERO) को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी
आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने का निर्देश दिया है। जिला जनसंपर्क कार्यालय की ओर
से 25 अक्टूबर को जारी
प्रेस विज्ञप्ति में इसकी जानकारी दी गई। उपायुक्त ने नोटिस से
संबंधित सुनवाई और सत्यापन की प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2026 तक पूरी करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम अनावश्यक रूप से
मतदाता सूची से नहीं हटना चाहिए। साथ ही, किसी अपात्र व्यक्ति या विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में
शामिल नहीं होना चाहिए। मतदाता सूची को लेकर फैलने वाली अफवाहों और आशंकाओं को दूर
करने के लिए पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने पर भी जोर दिया गया। निर्देश के अनुसार,
प्रपत्र-1 में नोटिस और सत्यापन से संबंधित
सांख्यिकीय विवरण तैयार किया जाएगा। प्रपत्र-2 में उन मतदाताओं की नामवार सूची
प्रकाशित की जाएगी, जिनकी
प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी नहीं हो पाई है। वहीं, प्रपत्र-3 में सुनवाई और सत्यापन के बाद अपात्र
पाए गए मतदाताओं की नामवार सूची तैयार की जाएगी। सभी विवरण वास्तविक
अभिलेखों के आधार पर तैयार करने का निर्देश दिया गया है, ताकि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की
प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। निर्धारित कार्यक्रम
के अनुसार, प्रपत्र-1 और प्रपत्र-2 से संबंधित अद्यतन जानकारी 1 नवंबर तक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी
कार्यालय, झारखंड को उपलब्ध
करानी होगी। वहीं, प्रपत्र-1
और प्रपत्र-3 से संबंधित जानकारी 13 नवंबर तक भेजने का निर्देश दिया गया है। 4 नवंबर को सभी मतदान
केंद्रों पर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और
बूथ लेवल एजेंट-2 (BLA-2) की
पांचवीं बैठक आयोजित की जाएगी। इसी दौरान प्रपत्र-2 का प्रकाशन और चुनाव पाठशाला का आयोजन
भी किया जाएगा। इसके बाद 18 नवंबर को प्रपत्र-3 के प्रकाशन के साथ बीएलओ और बीएलए-2
की छठी बैठक तथा चुनाव पाठशाला आयोजित
होगी। प्रकाशित सूचियों को
संबंधित मतदान केंद्रों पर उपलब्ध कराया जाएगा। आम नागरिकों और मान्यता प्राप्त
राजनीतिक दलों के बीएलए-2 को
भी सूचियों की प्रतियां दी जाएंगी। सूचियों को पढ़कर सुनाने की व्यवस्था की जाएगी,
ताकि मतदाता अपने विवरण की जांच कर
सकें। यदि किसी मतदाता का
नाम छूट जाता है या विवरण में कोई त्रुटि मिलती है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत
आवश्यक साक्ष्य के साथ आपत्ति दर्ज करा सकेगा। प्राप्त आपत्तियों की जांच के बाद
नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिला निर्वाचन
प्रशासन का जोर निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनवाई और सत्यापन पूरा करने के साथ
मतदाता सूची को पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाने पर है।तीन प्रपत्रों में
तैयार होगा विवरण
4 नवंबर को मतदान
केंद्रों पर होगी बैठक
मतदाता सूची की जांच
कर सकेंगे नागरिक















