जामताड़ा जिले के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत बांका गांव पहुंचे डॉ. इरफान अंसारी, शोकाकुल परिवार से मिलकर दी आर्थिक सहायता
जामताड़ा जिले के
नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत बांका गांव में स्वर्गीय रामबचन सोरेन के निधन से शोक का
माहौल है। उनके निधन की सूचना मिलने के बाद डॉ. इरफान अंसारी बांका गांव पहुंचे और
शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की। महज 32 वर्ष की उम्र में रामबचन सोरेन के असमय
निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके निधन से पूरे गांव में शोक
व्याप्त है। स्वर्गीय रामबचन
सोरेन अपने पीछे पत्नी, वृद्ध
माता-पिता और मासूम बच्चों को छोड़ गए हैं। परिवार की स्थिति को देखते हुए डॉ.
इरफान अंसारी ने गहरा दुख जताया। उन्होंने परिजनों से बातचीत कर उन्हें इस कठिन
समय में धैर्य बनाए रखने का भरोसा दिलाया। साथ ही अपनी ओर से आर्थिक सहायता प्रदान
कर परिवार की मदद की। इस दौरान डॉ. इरफान
अंसारी ने कहा कि कम उम्र में किसी अपने को खोने का दर्द शब्दों में बयां नहीं
किया जा सकता। रामबचन सोरेन के निधन से परिवार को जो क्षति हुई है, उसकी भरपाई करना संभव नहीं है। उन्होंने
कहा कि इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और आगे भी
हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि
बांका गांव के लोगों ने हमेशा उन्हें प्यार, सम्मान और सहयोग दिया है। ऐसे में गांव
के लोगों के सुख-दुख में शामिल होना उनका दायित्व है। उनके लिए राजनीति से बढ़कर इंसानियत,
संवेदना और जनसेवा है। जरूरतमंद
परिवारों की सहायता करना और विपत्ति के समय उनके साथ खड़ा रहना ही सेवा का
वास्तविक उद्देश्य है। डॉ. इरफान अंसारी ने
दिवंगत रामबचन सोरेन की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। साथ ही शोक
संतप्त परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। रामबचन सोरेन के असमय
निधन से परिवार के साथ-साथ गांव के लोग भी दुखी हैं। इस मुश्किल समय में परिवार को
आर्थिक और भावनात्मक सहारा देने की पहल की गई है।दुख की घड़ी में
परिवार के साथ खड़े रहने का भरोसा
दिवंगत की आत्मा की
शांति के लिए की प्रार्थना














