जामताड़ा जिले में रविवार को सड़क हादसों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई दो सड़क दुर्घटनाओं में कुल तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। इन घटनाओं के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा है। वहीं, हादसों ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार से वाहन चलाने के खतरों को उजागर किया है।

पहली घटना कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के कालाझरिया रोड पर हुई, जहां दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में 36 वर्षीय पिंटू रवानी, पिता शंकर रवानी, की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, दुर्घटना में तीन अन्य लोग घायल हो गए।

पति-पत्नी समेत तीन लोग घायल

घायलों की पहचान रत्नोडीह निवासी राजेंद्र कुमार और अनीशा खातून तथा बरियारपुर गांव निवासी बबुआ अंसारी के रूप में हुई है। हादसे के बाद घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों की मदद की और निजी वाहनों से उन्हें इलाज के लिए जामताड़ा सदर अस्पताल पहुंचाया।

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायलों का अस्पताल में इलाज कराया गया। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह होने की आशंका

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों मोटरसाइकिलों की रफ्तार काफी तेज थी। इसी दौरान दोनों वाहन अनियंत्रित होकर आमने-सामने टकरा गए। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पिंटू रवानी की मौत से परिवार में मातम

हादसे में पिंटू रवानी की असमय मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बताया जाता है कि वह अपने पीछे एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। पिता की मौत से बच्चों और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।

एक दिन में कई हादसों से सड़क सुरक्षा पर सवाल

जामताड़ा जिले में एक ही दिन अलग-अलग स्थानों पर हुई सड़क दुर्घटनाओं ने लोगों को चिंतित कर दिया है। लगातार हो रहे हादसों के बीच वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने, नियंत्रित गति से वाहन चलाने और सड़क पर सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।

जिले में हुई दोनों दुर्घटनाओं में तीन लोगों की मौत और तीन लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। दूसरी दुर्घटना से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध होने पर ही उसके घटनाक्रम और मृतकों की पहचान स्पष्ट हो सकेगी।