गिरिडीह: जिले के पीरटांड़ स्थित शहीद सिद्धू-कान्हू मध्य विद्यालय में रविवार को मरांग बुरू संस्थान के संस्थापक अमर शहीद अजय टुडू का 18वां शहादत दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सैकड़ों ग्रामीणों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित लोगों ने उनके संघर्षों और समाज के प्रति योगदान को याद किया।

जनप्रतिनिधियों और झामुमो नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

कार्यक्रम में झारखंड सरकार के दर्जा प्राप्त मंत्री फागु बेसरा, दिवंगत जननेता एवं पूर्व मंत्री स्वर्गीय सुदिव्य कुमार सोनू की पत्नी श्वेता शर्मा, झामुमो गिरिडीह जिलाध्यक्ष संजय सिंह, जिला सचिव महालाल सोरेन, जिला सह सचिव दिलीप रजक और जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा समेत कई लोग शामिल हुए।

इसके अलावा महताब मिर्जा, पीरटांड़ प्रमुख सविता टुडू, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष बिरजू मरांडी, प्रखंड कोषाध्यक्ष अंबिका राय, महावीर मरांडी, बाबूराम हेम्ब्रम, भगवान किस्कु, युवा मोर्चा प्रखंड अध्यक्ष नीलकंठ महतो, प्रखंड उपाध्यक्ष शेखर महतो और अपर्णा देवी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने भी भाग लिया।

आदिवासी अधिकारों और जनसेवा के संघर्ष को किया याद

श्रद्धांजलि सभा के दौरान अमर शहीद अजय टुडू के जीवन, संघर्ष और समाज के प्रति उनके समर्पण को याद किया गया। वक्ताओं ने उन्हें आदिवासी समाज के अधिकारों, सम्मान और विकास के लिए समर्पित व्यक्तित्व बताते हुए उनके योगदान को नमन किया।

वक्ताओं ने कहा कि समाज के सुख-दुख में साथ खड़े रहने और जनहित के लिए संघर्ष करने वाले अजय टुडू का जीवन लोगों को प्रेरणा देता है। उनके संघर्षों और विचारों को याद करते हुए समाज के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया गया।

विचारों और विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प

कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने अजय टुडू के विचारों, संघर्षों और जनसेवा की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।