जामताड़ा झारखंड अलग राज्य के निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों के हक, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए अब प्रखंड स्तर पर संगठन को मजबूत किया जाएगा। आंदोलनकारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने और उन्हें न्याय दिलाने के संकल्प के साथ रविवार को जामताड़ा के गांधी मैदान में झारखंड अलग राज्य आंदोलनकारी जिला समिति की बैठक आयोजित की गई। जिला समिति के अध्यक्ष मनोरथ मरांडी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जामताड़ा प्रखंड समिति का विस्तार करते हुए नए पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई।

समिति के विस्तार के तहत मैनेजर मुर्मू को प्रखंड अध्यक्ष, ज्ञानेश्वर हेमराम को उपाध्यक्ष, हेमंत मुर्मू को सचिव और सोनाराम बेसरा को सह सचिव बनाया गया। वहीं, जावेद कलाम को कोषाध्यक्ष तथा जमाल अंसारी को जनसंपर्क सचिव की जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा महिला एवं पुरुष सदस्यों को मिलाकर 12 सदस्यों को प्रखंड समिति में शामिल किया गया।

जिला समिति ने उम्मीद जताई कि नई टीम आंदोलनकारियों को संगठित करने, उनकी समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगी।

आंदोलनकारियों के संघर्ष को नहीं भूल सकता झारखंड

बैठक को संबोधित करते हुए जिला समिति के उपाध्यक्ष रॉबिन मिर्धा ने कहा कि झारखंड अलग राज्य का निर्माण आंदोलनकारियों के लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है। उनके संघर्ष की बदौलत ही झारखंड को अलग राज्य के रूप में पहचान मिली। ऐसे में आंदोलनकारियों के हक और सम्मान की रक्षा करना केवल संगठन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज का भी दायित्व है।

उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। संगठन का प्रयास है कि उनकी आवाज को मजबूती से उठाया जाए और उन्हें उचित अधिकार एवं सम्मान दिलाने के लिए हर स्तर पर पहल की जाए।

इसी उद्देश्य से प्रखंड स्तर पर समितियों का गठन और विस्तार किया जा रहा है, ताकि आंदोलनकारियों को अपनी समस्याएं रखने और उनके समाधान के लिए एक मजबूत मंच मिल सके।

सुशील पंडित को न्याय दिलाने के लिए एकजुट होने की अपील

बैठक में सुशील पंडित को न्याय दिलाने के लिए भी सामूहिक प्रयास करने की बात उठाई गई। रॉबिन मिर्धा ने संगठन की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि सभी सदस्यों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा, तभी आंदोलनकारियों की समस्याओं को प्रभावी तरीके से सामने लाया जा सकेगा।

उन्होंने सदस्यों से संगठन के उद्देश्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने और आंदोलनकारियों के हित में मिलकर काम करने की अपील की। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि संगठन का विस्तार केवल पदाधिकारियों की नियुक्ति तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आंदोलनकारियों की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए ठोस पहल भी होनी चाहिए।

नई प्रखंड समिति से उम्मीद जताई गई कि वह आंदोलनकारियों से संपर्क स्थापित कर उनकी समस्याओं को जिला समिति तक पहुंचाएगी और समाधान की दिशा में आवश्यक पहल करेगी।

31 अक्टूबर को नारायणपुर प्रखंड समिति का होगा विस्तार

संगठन को पंचायत और प्रखंड स्तर तक मजबूत बनाने की दिशा में आगामी 31 अक्टूबर को नारायणपुर प्रखंड समिति का विस्तार किया जाएगा। जिला समिति के अनुसार, इसका उद्देश्य अधिक से अधिक झारखंड आंदोलनकारियों को संगठन से जोड़ना और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए मजबूत संगठनात्मक व्यवस्था तैयार करना है।

बैठक में आनंद सोरेन, राजेंद्र टुडू, नरेश मिर्धा, सहोदी मुर्मू, जियामणि, माली टुडू, अरुण मोहाली, सुंदरी मुर्मू, पार्वती बास्की, निर्मल हेंब्रम, सनातन मुर्मू और सुधीर टुडू सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।

जिला समिति की ओर से अनिल सोरेन, जितेन हांसदा, रोहिणी मरांडी, बोडो सोरेन, मंगल सोरेन और भारत हेमराम सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे।

बैठक के अंत में संगठन को मजबूत बनाने, झारखंड आंदोलनकारियों के अधिकारों की रक्षा करने और उनके हक एवं सम्मान के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया।