हजारीबाग जिले में प्राइवेट स्कूलों द्वारा री एडमिशन के नाम पर की जा रही फीस वसूली के खिलाफ अभिभावकों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। पोस्ट ऑफिस चौक पर समाजसेवी अभिषेक कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने शिक्षा विभाग और प्राइवेट स्कूल प्रबंधन का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया।प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्राइवेट स्कूल शिक्षा के नाम पर व्यापार कर रहे हैं। हर साल बच्चों को अगली कक्षा में भेजने के लिए री एडमिशन के नाम पर भारी शुल्क वसूला जाता है जबकि यह प्रक्रिया स्वतः होनी चाहिए। अभिभावकों ने कहा कि फीस नहीं देने पर बच्चों का नाम काटने या रिजल्ट रोकने की धमकी दी जाती है।समाजसेवी अभिषेक कुमार ने कहा कि यह पूरी व्यवस्था अभिभावकों के शोषण का जरिया बन गई है। उन्होंने इसे गैरकानूनी और अनैतिक बताते हुए प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के कई निजी स्कूल नियमों की अनदेखी कर मनमानी कर रहे हैं और फीस संरचना में कोई पारदर्शिता नहीं है।उन्होंने संत जेवियर स्कूल के हालिया मामले का जिक्र करते हुए कहा कि 38 बच्चों का निष्कासन इस बात का उदाहरण है कि स्कूल प्रबंधन मनमाने फैसले ले रहा है। यह केवल एक स्कूल का मामला नहीं बल्कि पूरे सिस्टम में गड़बड़ी का संकेत है।प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि प्राइवेट स्कूलों की फीस संरचना की जांच कर री एडमिशन के नाम पर हो रही वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही दोषी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।अंत में चेतावनी दी गई कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।