हजारीबाग नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही हजारीबाग में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी एक बार फिर सामने आई है। कई निजी विद्यालयों द्वारा बच्चों के री एडमिशन के नाम पर सेशन चार्ज वसूला जा रहा है जिससे अभिभावकों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है।अभिभावकों का कहना है कि जब बच्चे पहले से ही उसी स्कूल में पढ़ रहे हैं, तो हर साल दोबारा एडमिशन फीस या सेशन चार्ज लेना पूरी तरह अनुचित है। उनका आरोप है कि स्कूल प्रबंधन बिना किसी स्पष्ट नियम या सरकारी दिशा निर्देश के मनमाने तरीके से शुल्क वसूल रहे हैं।कुछ अभिभावकों ने यह भी बताया कि उन्हें पहले से इस शुल्क की कोई जानकारी नहीं दी जाती और फीस जमा करने के समय अचानक अतिरिक्त रकम की मांग की जाती है। इससे खासकर मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर भारी बोझ पड़ रहा है।वहीं स्कूल प्रबंधन का पक्ष है कि सेशन चार्ज का उपयोग स्कूल के रखरखाव इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए किया जाता है। हालांकि अभिभावकों का कहना है कि इन शुल्कों में पारदर्शिता की भारी कमी है।इस पूरे मामले पर जिला शिक्षा अधीक्षक आकाश कुमार ने कहा है कि शिकायतों की जांच की जाएगी और यदि किसी स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि ऐसे मामलों में स्पष्ट नियम बनाए जाएं ताकि शिक्षा व्यवस्था पारदर्शी और किफायती बन सके।