फ्लाईदुबई फ्लाइट में भारतीय पायलट पर हमला: कौन है हमाम अल-हमामी,पुराने रिकॉर्ड और भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल
नई दिल्ली: फ्लाईदुबई की दुबई-तेल अवीव उड़ान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित हमले के मामले में सह-पायलट हमाम अल-हमामी की पृष्ठभूमि जांच के दायरे में आ गई है। अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में उसके पुराने विमानन करियर, ओमान एयर में नौकरी, रॉयल एयर मारोक से जुड़ाव और फ्लाईदुबई में भर्ती से पहले कथित सुरक्षा जांच को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इन रिपोर्टों में किए गए कुछ दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है। रिपोर्टों के मुताबिक, हमाम अल-हमामी ने अपने विमानन करियर की शुरुआत ओमान एयर से की थी और करीब सात साल तक वहां काम किया। सीबीएस न्यूज ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि प्रशिक्षण के दौरान ओमान सरकार की निगरानी में उसके द्वारा कथित तौर पर कट्टरपंथी वेबसाइट देखे जाने की जानकारी सामने आई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद उसे सक्रिय उड़ान ड्यूटी से हटाकर कार्यालय से जुड़े काम में लगाया गया। इसके बाद उसने ओमान एयर छोड़ दी। अलग-अलग रिपोर्टों में उसके इस्तीफे की समयसीमा को लेकर अंतर है। एक रिपोर्ट में करीब 2024 में इस्तीफा देने की बात कही गई है, जबकि उसके नाम से जुड़े लिंक्डइन प्रोफाइल में ओमान एयर के साथ फरवरी 2025 तक नौकरी दिखाई गई थी। अल अरबिया इंग्लिश ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि अल-हमामी को ओमान में पहले भी उड़ान भरने से रोका गया था और इसके पीछे उसके कथित चरमपंथी विचारों को लेकर चिंता बताई गई थी। रिपोर्ट में उसके पहले सीरिया में रहने का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, उसकी मां सीरियाई मूल की और पिता ओमानी बताए गए हैं। हालांकि, ओमान सरकार की ओर से उसकी नागरिकता और पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़ी इन जानकारियों की सार्वजनिक पुष्टि नहीं की गई है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ओमान एयर छोड़ने के बाद अल-हमामी ने मोरक्को की राष्ट्रीय विमानन कंपनी रॉयल एयर मारोक में भी काम किया था। उसके लिंक्डइन प्रोफाइल में जून 2025 से जनवरी 2026 तक वहां काम करने की जानकारी होने का दावा किया गया है। हालांकि, उसी प्रोफाइल में फ्लाईदुबई की नौकरी का उल्लेख नहीं होने की बात सामने आई है। वहीं, सीएनएन ने एक इजराइली अधिकारी के हवाले से बताया कि घटना से पहले वह करीब आठ महीने से फ्लाईदुबई के साथ काम कर रहा था। अब जांच का एक अहम हिस्सा यह है कि अल-हमामी की फ्लाईदुबई में नियुक्ति किस प्रक्रिया के तहत हुई। सीबीएस न्यूज ने सूत्रों के हवाले से दावा किया कि दुबई पहुंचने के बाद उसे फ्लाईदुबई में नौकरी मिली, लेकिन नियुक्ति से पहले ओमानी अधिकारियों के जरिए कोई औपचारिक बैकग्राउंड वेरिफिकेशन नहीं कराया गया था। अगर यह दावा जांच में सही पाया जाता है, तो पायलटों की भर्ती और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठ सकते हैं। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। सीएनएन के मुताबिक, घटना के करीब नौ घंटे बाद अल-हमामी से जुड़े लिंक्डइन अकाउंट पर दो पोस्ट दिखाई दिए। इनमें से एक पोस्ट में बोइंग 737 मैक्स के कॉकपिट का वीडियो बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो में दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से जुड़े दृश्य और इजराइली एयरलाइन एल अल के विमान दिखाई देते हैं। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि वीडियो के अंत में अल-कायदा के पूर्व नेता अयमान अल-जवाहिरी और 2009 के आत्मघाती हमले से जुड़े हुमाम खलील अबू-मुलाल अल-बलावी की तस्वीरें दिखाई दीं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ये पोस्ट खुद अल-हमामी ने किए थे या पहले से निर्धारित समय के अनुसार अपने आप प्रकाशित हुए थे। 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में अल-हमामी पर कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने का आरोप है। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या यह सिर्फ पायलट पर हमला था या इसके पीछे विमान को नुकसान पहुंचाने की कोई बड़ी मंशा थी। रिपोर्टों के मुताबिक, संघर्ष के दौरान विमान करीब दो मिनट में लगभग 16,000 फीट नीचे आ गया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद चालक दल और यात्रियों ने आरोपी को काबू किया। दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी विमान को संभालने में मदद की। स्थिति नियंत्रित होने के बाद विमान को सऊदी अरब के ताबूक की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई गई। सभी यात्रियों को विमान से सुरक्षित बाहर निकाला गया।ओमान एयर से शुरू हुआ विमानन करियर
सीरिया कनेक्शन को लेकर भी दावे
रॉयल एयर मारोक में भी किया काम
फ्लाईदुबई में भर्ती पर सवाल
सोशल मीडिया पोस्ट भी जांच के घेरे में
फ्लाइट में क्या हुआ?
ताबूक में हुई आपात लैंडिंग














