छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान पर भारत की नजर, राजनाथ सिंह बोले- तकनीक में बढ़त जरूरी
नई दिल्ली: भारत पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम के साथ-साथ छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान की क्षमता विकसित करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 7 सितंबर 2026 को कहा था कि भारत भविष्य की रक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्नत तकनीकों के विकास पर काम कर रहा है। राजनाथ सिंह ने कहा कि भविष्य के युद्धक्षेत्र में तकनीकी श्रेष्ठता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक विकसित करने और भविष्य की क्षमताओं के लिए लंबी अवधि की योजना बनाने पर जोर दिया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान के विकास के साथ-साथ आधुनिक ड्रोन और अन्य उन्नत रक्षा प्रणालियों पर भी काम कर रहा है। सरकार का जोर स्वदेशी डिजाइन, विकास और निर्माण क्षमता बढ़ाने पर है। भारत एयरोस्पेस क्षेत्र में स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए विमान डिजाइन, एवियोनिक्स, प्रोपल्शन, कंपोजिट मैटेरियल, फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम और निर्माण क्षमता विकसित करने पर भी जोर दे रहा है। 18 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में एक कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने स्वदेशी एयरोस्पेस क्षमता को मजबूत करने की जरूरत बताई। उन्होंने अगली पीढ़ी की एयरोस्पेस क्षमताओं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोनॉमस सिस्टम, मानव रहित हवाई प्रणालियों, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर, साइबर तकनीक और नेक्स्ट-जेनरेशन प्रोपल्शन के स्वदेशी विकास पर जोर दिया। भारत का पांचवीं पीढ़ी का Advanced Medium Combat Aircraft (AMCA) कार्यक्रम भी स्वदेशी लड़ाकू विमान क्षमता विकसित करने की दिशा में प्रमुख परियोजना है। मई 2026 में आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी में AMCA के Core Integration & Flight Testing Centre की आधारशिला रखी गई थी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार इस कार्यक्रम का कुल अनुमानित परिव्यय करीब 15,000 करोड़ रुपये है। रक्षा मंत्री ने भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए लंबी अवधि की तकनीकी क्षमता विकसित करने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि भारत को ऐसी तकनीक विकसित करनी होगी जो आने वाले समय में देश की एयरोस्पेस और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करे। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, सरकार का लक्ष्य रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के साथ स्वदेशी तकनीकों को विकसित करना और भारत की एयरोस्पेस क्षमता को वैश्विक स्तर पर मजबूत करना हैतकनीकी बढ़त पर जोर
एयरोस्पेस और प्रोपल्शन पर फोकस
AMCA कार्यक्रम पर भी काम जारी
अगले दशक की तकनीकी तैयारी














