पटना: बिहार में छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस की ‘अभया ब्रिगेड’ व्यवस्था को विस्तार दिया जा रहा है। बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि इसके तहत प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मियों को ‘पुलिस दीदी’ के रूप में स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय परिसरों के आसपास तैनात किया जाएगा।

डीजीपी ने बताया कि महिला पुलिसकर्मियों के लिए 1500 स्कूटर का ऑर्डर दिया गया है। इनकी आपूर्ति करीब 15 से 20 दिनों में होने की उम्मीद है।

12 हजार प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मी होंगी शामिल

डीजीपी विनय कुमार के मुताबिक बिहार पुलिस में हाल में करीब 19 हजार महिला पुलिसकर्मियों ने योगदान दिया है। इनमें लगभग 12 हजार प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मी हैं। इन्हीं महिला पुलिसकर्मियों को वाहन उपलब्ध कराकर अलग-अलग शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तैनात किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पुलिस दीदी की तैनाती का उद्देश्य स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालय परिसरों में छात्राओं और महिलाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है।

स्कूल-कॉलेजों के आसपास रहेगी पुलिस दीदी की नजर

डीजीपी ने कहा कि महिला पुलिसकर्मियों की ऐसी प्रतिनियुक्ति की जाएगी कि शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राएं खुद को सुरक्षित महसूस करें। पुलिस दीदी जरूरत पड़ने पर छात्राओं की शिकायत सुनेंगी और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई में मदद करेंगी।

इस व्यवस्था से महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी भी बढ़ेगी और छात्राओं के बीच पुलिस को लेकर भरोसा मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी डीजीपी ने दी सफाई

मीडिया से बातचीत के दौरान डीजीपी विनय कुमार ने पुलिस की कार्रवाई और आत्मरक्षा के अधिकार को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पुलिसकर्मियों को कानून के तहत आत्मरक्षा का अधिकार है।

उन्होंने कहा कि पुलिस को हथियारों का प्रशिक्षण इसी उद्देश्य से दिया जाता है कि गंभीर परिस्थितियों में आवश्यकता पड़ने पर उसका इस्तेमाल किया जा सके।

पहले चेतावनी, फिर स्थिति के अनुसार कार्रवाई

डीजीपी ने कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने की प्रक्रिया बताते हुए कहा कि किसी गैरकानूनी जमावड़े की स्थिति में पुलिस पहले चेतावनी देती है। जरूरत पड़ने पर आंसू गैस, लाठी और उसके बाद गोली चलाने जैसी कार्रवाई कानून और परिस्थिति के अनुरूप की जाती है।

उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता अलग नहीं हैं। पुलिसकर्मी भी इसी समाज और परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने दावा किया कि अधिकांश परिस्थितियों में पुलिस संयम बरतते हुए आम लोगों की जान बचाने की कोशिश करती है।

अभया ब्रिगेड से महिला सुरक्षा को मिलेगी मजबूती

बिहार पुलिस की इस पहल को स्कूल-कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्राओं की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 1500 स्कूटर मिलने के बाद महिला पुलिसकर्मियों की फील्ड में तैनाती बढ़ेगी और शैक्षणिक परिसरों के आसपास पुलिस की निगरानी मजबूत होने की उम्मीद है।