TMC के चुनाव चिह्न विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, ECI को 3 महीने में फैसला करने को कहा
नई दिल्ली: ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को निर्वाचन आयोग को समय-सीमा में फैसला लेने का निर्देश दिया। कोर्ट ने दोनों पक्षों को अपनी दलीलें और जरूरी दस्तावेज दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। इसके बाद निर्वाचन आयोग को विवाद पर तीन महीने के भीतर फैसला करना होगा। मामला पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और TMC नेता ममता बनर्जी की याचिका से जुड़ा है। उन्होंने निर्वाचन आयोग के उस अंतरिम फैसले को चुनौती दी है, जिसमें पार्टी के नाम और मूल चुनाव चिह्न को विवाद के अंतिम निपटारे तक फ्रीज किया गया है। सुनवाई के दौरान निर्वाचन आयोग की ओर से मामले के निपटारे के लिए छह महीने का समय मांगा गया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने तीन महीने की समय-सीमा तय की। कोर्ट ने कहा कि दोनों पक्ष चार सप्ताह में अपनी pleadings पूरी करें और उसके बाद आयोग तीन महीने के भीतर विवाद पर निर्णय ले। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि मामले के निपटारे में तकनीकी साधनों का इस्तेमाल किया जा सकता है। आयोग ने इससे पहले समान चुनाव चिह्न विवादों के निपटारे में लगे समय का विवरण भी अदालत के सामने रखा था। निर्वाचन आयोग ने 18 सितंबर को TMC के नाम और उसके ‘Flowers & Grass’ यानी ‘फूल और घास’ वाले मूल चुनाव चिह्न को विवाद के अंतिम निपटारे तक फ्रीज करने का अंतरिम फैसला किया था। इसके बाद दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को आगामी उपचुनाव के लिए अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए गए हैं। यह विवाद पार्टी के भीतर दो गुटों के दावों से जुड़ा है। निर्वाचन आयोग के समक्ष दोनों पक्ष पार्टी के नाम और मूल चुनाव चिह्न पर अपना दावा पेश कर रहे हैं। पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद ही TMC के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद ने कानूनी रूप लिया था।ECI ने मांगा था 6 महीने का समय
चुनाव चिह्न और पार्टी नाम को लेकर विवाद
6 अक्टूबर को होने हैं दो विधानसभा उपचुनाव















