नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस ने सोमवार, 28 सितंबर को देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और CEC के इस्तीफे की मांग की। महाराष्ट्र में भी 28 सितंबर को कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन आयोग अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर नागरिकता से जुड़े मामलों को देख रहा है। वहीं निर्वाचन आयोग का कहना है कि SIR से संबंधित उसके आदेश सभी चुनाव आयुक्तों की मंजूरी के बाद जारी हुए और प्रक्रिया नियमों के अनुरूप है।

दिल्ली में यूथ कांग्रेस का मार्च

दिल्ली में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मार्च निकालने की कोशिश की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग की गई थी।

कांग्रेस ने इससे पहले भी दिल्ली समेत कई राज्यों में SIR और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर प्रदर्शन किए हैं। 25 सितंबर को हुए देशव्यापी प्रदर्शनों में दिल्ली, बिहार, जम्मू-कश्मीर, असम, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, चंडीगढ़ और अन्य राज्यों में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे थे।

उत्तर प्रदेश में भी प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उन्नाव में विरोध प्रदर्शन की जानकारी सामने आई, जबकि मुरादाबाद में प्रदर्शन के दौरान ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंके जाने की खबर है।

कांग्रेस की ओर से SIR को लेकर निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। पार्टी ने CEC के इस्तीफे की मांग को अपने विरोध प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा बनाया है।

जयपुर में पुलिस बैरिकेडिंग और वाटर कैनन

राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता शहीद स्मारक से निर्वाचन आयोग के प्रदेश कार्यालय की ओर बढ़े।

प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।

महाराष्ट्र में भी कांग्रेस का प्रदर्शन

महाराष्ट्र में कांग्रेस ने 28 सितंबर को CEC के खिलाफ राज्यव्यापी प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा था। नासिक, पुणे और कोल्हापुर समेत कई जगहों पर कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया।

महाराष्ट्र कांग्रेस ने SIR के दौरान मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग ने SIR से जुड़े अपने फैसलों को सामूहिक रूप से लिया गया और कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप बताया है।

जयराम रमेश ने SIR को लेकर उठाए सवाल

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग SIR के दौरान नागरिकता निर्धारित करने की दिशा में अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि नागरिकता का निर्धारण नागरिकता अधिनियम, 1955 और संसद द्वारा किए गए संशोधनों के तहत होता है। कांग्रेस ने इसी मुद्दे को लेकर निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

हालांकि, निर्वाचन आयोग की ओर से SIR और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों को लेकर अलग पक्ष रखा गया है। आयोग के अधिकारियों ने हाल में कहा कि SIR के दौरान नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए Form 6 में कोई संशोधन नहीं किया गया है।

जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर साधा निशाना

केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता जेपी नड्डा ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस और विपक्ष पर निर्वाचन आयोग को लेकर भ्रम फैलाने और राजनीतिक माहौल खराब करने का आरोप लगाया।

नड्डा ने कहा कि निर्वाचन आयोग कांग्रेस के आरोपों पर तथ्य स्पष्ट कर चुका है। उन्होंने राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी दावे को बार-बार दोहराने से वह तथ्य नहीं बन जाता।

इस तरह SIR और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक विवाद लगातार तेज हो रहा है, जबकि निर्वाचन आयोग अपने फैसलों को नियमों और कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप बता रहा है।