नई दिल्ली: लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पर लोकसभा में चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं और युवाओं के आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि "एक 'प्रधान' हटाकर, आपने 'प्रधानमंत्री' बचा लिया।"

'झुकाने वाला चाहिए, सरकार भी झुकती है'

अखिलेश यादव ने कहा कि वह लंबे समय से युवाओं के आंदोलन को देख रहे थे। उन्होंने कहा कि शुरुआत में जिस आंदोलन को हल्के में लिया गया, वही बाद में इतना बड़ा हो गया कि सरकार को प्रदर्शन की अनुमति देनी पड़ी।

उन्होंने कहा, "झुकाने वाला चाहिए, सरकार भी झुकती है।" किसानों के आंदोलन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पहले धरना देने की अनुमति नहीं दी गई, लेकिन बाद में सरकार को तीनों कृषि कानून वापस लेने पड़े।

पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं पर सरकार को घेरा

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सहित देश के कई हिस्सों में भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था देने में विफल रही है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "जो लोग चढ़ावा नहीं बचा पाए, वे पेपर लीक क्या बचाएंगे?" साथ ही दावा किया कि अब तक कई भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं।

NTA और आउटसोर्सिंग पर उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और सरकारी व्यवस्थाओं में आउटसोर्सिंग को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा व्यवस्था में आउटसोर्सिंग हो रही है, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण शिक्षा और परीक्षा प्रणाली कमजोर हुई है तथा युवाओं का भरोसा प्रभावित हुआ है।

युवाओं की मांगों पर सरकार से कार्रवाई की उम्मीद

लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी तथा भरोसेमंद बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाएगी।