JPSC-JSSC विवाद पर विनोद पांडेय का BJP पर हमला, बोले- छात्रों की पीठ के पीछे छिपकर राजनीति न करे भाजपा
रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने JPSC-JSSC परीक्षाओं के मुद्दे पर भाजपा के आंदोलन और 48 घंटे के अल्टीमेटम को राजनीतिक नौटंकी करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा छात्रों को भ्रमित कर अपना राजनीतिक हित साधने की कोशिश कर रही है। विनोद पांडेय ने कहा कि अगर भाजपा को छात्रों के भविष्य की चिंता है तो उसे छात्रों की पीठ के पीछे राजनीति करने के बजाय सीधे राजनीतिक और कानूनी लड़ाई के मैदान में उतरना चाहिए। विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा के प्रदेश नेताओं को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जब सीबीआई जांच का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तब मुख्य सचिव पर दबाव बनाकर वे आखिर क्या संदेश देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि न्यायालय में लंबित मामले में राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश भाजपा की मंशा पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने भाजपा पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह की राजनीति से जनता परिचित है। झामुमो महासचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक निर्णय लिये हैं। सरकार ने पूरे मामले में जांच और कार्रवाई का रास्ता अपनाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सीआईडी लगातार कार्रवाई कर रही है और जांच आगे बढ़ने के साथ परीक्षा में कथित धांधली से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की जा रही है। विनोद पांडेय ने दावा किया कि इसी कार्रवाई से भाजपा घबराई हुई है। विनोद पांडेय ने आरोप लगाया कि भाजपा सीबीआई जांच की मांग की आड़ में ऐसे लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है, जिनके तार कथित परीक्षा धांधली से जुड़े हो सकते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा को राज्य की जांच एजेंसी की कार्रवाई पर भरोसा क्यों नहीं है। उन्होंने कहा कि जब मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तो भाजपा सरकार पर दबाव बनाने की इतनी जल्दबाजी क्यों कर रही है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को डर है कि कहीं उसका कथित कनेक्शन सामने न आ जाए। विनोद पांडेय ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक हथियार बनाकर सत्ता हासिल करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने भाजपा से छात्रों की भावनाओं से खेलने और उनकी पीठ के पीछे से राजनीति करने से बाज आने की अपील की। झामुमो महासचिव ने कहा कि अगर भाजपा को राजनीतिक लड़ाई लड़नी है तो वह सीधे मैदान में आए और यदि कानूनी लड़ाई लड़नी है तो कानून के रास्ते पर चले। उन्होंने कहा कि छुप-छुपकर राजनीति करने वालों का चेहरा जनता के सामने बेनकाब हो चुका है। विनोद पांडेय ने दावा किया कि झारखंड की जनता समझ चुकी है कि भाजपा को छात्रों के भविष्य से ज्यादा अपनी राजनीतिक जमीन की चिंता है।न्यायालय में मामला विचाराधीन, फिर दबाव क्यों?
सरकार ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से लिया : विनोद पांडेय
भाजपा पर आरोप, धांधली से जुड़े लोगों को बचाने की कोशिश
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ स्वीकार नहीं : JMM
‘राजनीतिक लड़ाई है तो सीधे मैदान में आए भाजपा’














