रांची :  झारखंड में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। राजधानी रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में अब तक 11 मरीजों के स्वाइन फ्लू से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। मरीजों की संख्या में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बाद अस्पताल प्रशासन सतर्क हो गया है और संक्रमण की रोकथाम के लिए जरूरी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

रिम्स में जांच और इलाज की पूरी व्यवस्था

रिम्स प्रशासन के अनुसार, अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच और इलाज की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है। फ्लू जैसे लक्षण सामने आने पर लोग जांच के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। जांच में H1N1 संक्रमण की पुष्टि होने के बाद मरीजों को संक्रमण फैलने से रोकने के लिए आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया जा रहा है।

अस्पताल में आने वाले संदिग्ध मरीजों की जांच प्रक्रिया के साथ उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। पॉजिटिव पाए गए मरीजों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

मरीजों की सेहत पर डॉक्टरों की नजर

रिम्स में भर्ती स्वाइन फ्लू संक्रमित मरीजों की स्थिति पर डॉक्टर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। इलाज में लगे चिकित्सकों की टीम नियमित रूप से मरीजों की जांच कर रही है और उनकी तबीयत में होने वाले बदलावों पर नजर रख रही है।

रिम्स सुपरिटेंडेंट भी अस्पताल में स्वाइन फ्लू की स्थिति और मरीजों के इलाज की नियमित जानकारी ले रहे हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि फिलहाल संक्रमण से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं।

बढ़ते मामलों को लेकर अस्पताल प्रशासन सतर्क

स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ने के बीच रिम्स प्रशासन ने अस्पताल में संक्रमण से बचाव को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। मरीजों को अलग रखकर इलाज करने की व्यवस्था की गई है, ताकि संक्रमण दूसरे लोगों तक न पहुंचे।

विशेषज्ञों के अनुसार, फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार जांच करानी चाहिए। खासकर तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण होने पर समय पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

फिलहाल रिम्स प्रशासन का कहना है कि स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए अस्पताल में जरूरी जांच, उपचार और आइसोलेशन की व्यवस्था उपलब्ध है।