हजारीबाग। जिले में पशु कल्याण और पशु चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने को लेकर पीपल फॉर एनिमल्स (PFA) हजारीबाग की प्रतिनिधि प्रियल अखौरी सिंह और उनकी टीम ने उपायुक्त हेमंत सती (IAS) एवं नगर आयुक्त ओम प्रकाश गुप्ता के साथ बैठक की। बैठक में जिला पशुपालन पदाधिकारी (DAHO) समेत जिले के सभी पशु चिकित्सकों को भी बुलाया गया।

बैठक के दौरान PFA टीम ने जिले में पशु चिकित्सा व्यवस्था, आवारा पशुओं की स्थिति और उनके इलाज से जुड़ी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा। प्रशासन की ओर से पशु कल्याण और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

वेटनरी अस्पताल की जल्द होगी मरम्मत

उपायुक्त हेमंत सती ने आश्वासन दिया कि वेटनरी अस्पताल भवन की जल्द मरम्मत कराई जाएगी। अस्पताल को पूरी तरह क्रियाशील बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि भर्ती किए गए और ऑपरेशन के बाद रिकवरी कर रहे आवारा कुत्तों समेत अन्य पशुओं की उचित देखभाल के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध हो सके।

1962 एम्बुलेंस सेवा को आवारा पशुओं के इलाज का निर्देश

बैठक में 1962 पशु एम्बुलेंस सेवा को लेकर भी निर्देश दिए गए। जिला पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि एम्बुलेंस सेवा को पालतू पशुओं के साथ-साथ आवारा और बेसहारा पशुओं का भी प्राथमिकता के आधार पर इलाज करने की हिदायत दी गई है।

दवाओं और स्टाफ की कमी दूर करने की पहल

जिले में पशु चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए दवाइयों की उपलब्धता और डॉक्टरों एवं कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी उठाया गया। उपायुक्त ने कहा कि संबंधित निदेशक से बातचीत कर दवाइयों और आवश्यक स्टाफ की व्यवस्था को जल्द सुदृढ़ करने का प्रयास किया जाएगा।

खुले में मवेशी छोड़ने पर होगी कार्रवाई

इसके बाद PFA टीम की नगर निगम के नगर आयुक्त ओम प्रकाश गुप्ता, अपर नगर आयुक्त प्रदीप और डॉ. दीपक के साथ बैठक हुई। शहर में सड़कों पर खुले मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नगर निगम 15 दिनों तक लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को जागरूक करेगा।

इसके बाद भी यदि पशुपालक अपने मवेशियों को खुले में छोड़ना जारी रखते हैं, तो नगर निगम द्वारा मवेशियों को जब्त कर गौशाला भेजने के साथ संबंधित पशुपालकों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन होगा अनिवार्य

पालतू कुत्तों को लावारिस छोड़ने की समस्या पर भी नगर निगम ने कदम उठाने की बात कही। जल्द ही पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य पालतू पशुओं की जिम्मेदारी तय करना और उन्हें बेसहारा छोड़ने की घटनाओं पर रोक लगाना है।

शहर में बनेंगे फीडिंग पॉइंट्स

बेजुबान जानवरों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था को लेकर भी पहल की जाएगी। अपर नगर आयुक्त प्रदीप ने कहा कि नगर निगम वार्ड पार्षदों से विचार-विमर्श कर शहर के विभिन्न चिन्हित स्थानों पर फीडिंग पॉइंट्स विकसित करने की दिशा में काम करेगा।

PFA हजारीबाग की प्रतिनिधि प्रियल अखौरी सिंह और उनकी टीम ने उपायुक्त हेमंत सती, नगर आयुक्त ओम प्रकाश गुप्ता और अपर नगर आयुक्त प्रदीप के प्रति आभार जताया। PFA ने कहा कि प्रशासन का यह सकारात्मक और सहयोगात्मक रवैया हजारीबाग को पशु-अनुकूल शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।