नई दिल्ली:  स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वंदे मातरम् को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब और गहराता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के प्रति कथित रवैये को लेकर तीखा हमला बोला है। भाजपा ने कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान हुई घटना के बाद अब गोवा में कांग्रेस के एक कार्यक्रम में वंदे मातरम् के कथित तौर पर केवल दो अंतरों के गायन को भी मुद्दा बनाया है।

भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद का बयान साझा करते हुए कांग्रेस की विचारधारा और उसके रवैये पर सवाल उठाए गए हैं।

कांग्रेस मुख्यालय में क्या हुआ था?

दरअसल, 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम् के गायन को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। भाजपा की ओर से आरोप लगाया गया कि कार्यक्रम के दौरान ऐसा प्रतीत हुआ कि कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी पूर्ण वंदे मातरम् के गायन के दौरान असहज थीं।

इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया।

हालांकि, कांग्रेस की ओर से इस आरोप को खारिज करते हुए सफाई दी गई थी। पार्टी की ओर से कहा गया कि सोनिया गांधी की गतिविधि का वंदे मातरम् के विरोध से कोई संबंध नहीं था, बल्कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी की व्यवस्था की जा रही थी।

BJP ने कांग्रेस की सफाई पर उठाए सवाल

कांग्रेस की सफाई के बावजूद भाजपा ने इस मामले को लेकर अपना हमला जारी रखा है। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मामला केवल कांग्रेस मुख्यालय तक सीमित नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे अगले दिन गोवा पहुंचे, तो वहां आयोजित कांग्रेस के कार्यक्रम में भी वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे गाए गए।

रविशंकर प्रसाद ने इसी को आधार बनाते हुए कांग्रेस की मानसिकता पर सवाल उठाया।

रविशंकर प्रसाद का कांग्रेस पर सीधा हमला

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भाजपा अब पूरी कांग्रेस की मानसिकता पर सवाल उठाना चाहती है। उन्होंने कांग्रेस के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान के दावे पर भी तीखा हमला किया।

उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस इस तरह की गतिविधियां करती है तो उसे भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का एकमात्र ठेका लेने का दंभ छोड़ देना चाहिए।

भाजपा नेता का यह बयान ऐसे समय आया है जब वंदे मातरम् को लेकर पहले से ही राजनीतिक माहौल गरम है।

कांग्रेस की सफाई- वंदे मातरम् का पूरा गायन हुआ

वहीं, कांग्रेस पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् का पूरा गायन किया गया था। पार्टी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के आधार पर गलत धारणा बनाई जा रही है।

कांग्रेस ने सोनिया गांधी को लेकर लगाए गए आरोपों को भी खारिज करते हुए कहा कि उस समय उनकी गतिविधि का संबंध मल्लिकार्जुन खड़गे के बैठने की व्यवस्था से था।

यानी एक ही घटना को लेकर भाजपा और कांग्रेस की व्याख्या बिल्कुल अलग-अलग है।

वंदे मातरम् बना नया सियासी मुद्दा

स्वतंत्रता दिवस के बाद वंदे मातरम् को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब महज एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रह गया है। भाजपा इसे कांग्रेस की राष्ट्रवाद संबंधी सोच से जोड़ रही है, जबकि कांग्रेस भाजपा पर राजनीतिक मुद्दे को बेवजह तूल देने का आरोप लगा रही है।

गोवा के कार्यक्रम का मुद्दा उठाए जाने के बाद विवाद और बढ़ने की संभावना है। आने वाले दिनों में यह मामला संसद और राजनीतिक मंचों पर भी बहस का मुद्दा बन सकता है।

अब सवाल बड़ा है क्या वंदे मातरम् के गायन को लेकर उठे सवाल महज एक कार्यक्रम की व्यवस्था से जुड़े हैं, या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक संदेश छिपा है? भाजपा अपने आरोपों के जरिए कांग्रेस को घेर रही है, जबकि कांग्रेस अपनी सफाई पर कायम है। ऐसे में इस विवाद का अगला राजनीतिक अध्याय क्या होगा, इस पर सबकी नजर रहेगी।