दशरथ मांझी की पुण्यतिथि पर तेजस्वी यादव की जुबान फिसली, जीतन राम मांझी ने साधा निशाना- ‘नशा कुछ भी करा सकता है’
पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयान और पलटवार का दौर शुरू हो गया है। दशरथ मांझी की 19वीं पुण्यतिथि के मौके पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की जुबान फिसलने के बाद सियासी विवाद खड़ा हो गया है। तेजस्वी यादव ने मंच से दशरथ मांझी की जगह केंद्रीय मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का नाम ले लिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद जीतन राम मांझी ने भी सोशल मीडिया पर तेजस्वी यादव पर तीखा तंज कसा है। दरअसल, आरजेडी के राज्य कार्यालय में सोमवार को ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी की 19वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में तेजस्वी यादव समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। अपने संबोधन के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा— “जीतन राम मांझी के श्रद्धांजलि समारोह में उपस्थित...” इतना कहते ही मंच पर मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें टोका। इसके बाद तेजस्वी यादव ने तुरंत अपनी गलती सुधारी और दशरथ मांझी का नाम लिया। बताया गया कि संबोधन के दौरान ऐसी स्थिति दो बार बनी, जिसके बाद कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जुबान फिसलने की घटना के बाद तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में दशरथ मांझी के योगदान को याद किया। उन्होंने ‘माउंटेन मैन’ को भारत रत्न देने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने पटना में दशरथ मांझी की प्रतिमा स्थापित करने और उनके नाम पर आश्रम बनाने की मांग भी उठाई। तेजस्वी ने मुसहर समाज के लोगों के प्रति आभार जताते हुए दशरथ मांझी के संघर्ष और योगदान को याद किया। तेजस्वी यादव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इसे साझा करते हुए तंज कसा। उन्होंने लिखा “नशा शराब में होती तो नाचती बोतल... लगता है बाबू साहब का रात वाला उतरा नहीं था इसलिए मुझे श्रद्धांजलि दे रहे हैं।” जीतन राम मांझी ने आगे लिखा कि अगर हालात नहीं सुधरे तो आने वाले वक्त में तेजस्वी यादव अपने पिता लालू प्रसाद यादव और मां राबड़ी देवी को भी जीते जी श्रद्धांजलि दे सकते हैं। अंत में उन्होंने लिखा “नशा कुछ भी करा सकता है।” जीतन राम मांझी ने अपने पोस्ट के साथ तेजस्वी यादव के भाषण का वीडियो भी साझा किया। तेजस्वी यादव के बयान और जीतन राम मांझी की प्रतिक्रिया के बाद बिहार की सियासत में एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सत्ताधारी खेमे के नेताओं और भाजपा नेताओं की ओर से भी तेजस्वी यादव पर निशाना साधे जाने की बात सामने आई है। वहीं, आरजेडी की ओर से इस मामले में फिलहाल कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब बिहार में राजनीतिक गतिविधियां पहले से ही तेज हैं। ऐसे में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हुई जुबान की इस चूक ने विपक्ष और सत्तापक्ष को एक-दूसरे पर हमला करने का नया मौका दे दिया है। दशरथ मांझी, जिन्हें दुनिया ‘माउंटेन मैन’ के नाम से जानती है, बिहार के गया जिले के गहलौर गांव के रहने वाले थे। उन्होंने अकेले अपने संघर्ष और दृढ़ संकल्प के दम पर पहाड़ काटकर रास्ता बनाने का काम किया था। कहा जाता है कि उन्होंने वर्षों तक हथौड़े और छेनी की मदद से पहाड़ को काटकर रास्ता तैयार किया। उनके इसी असाधारण प्रयास ने उन्हें देश-दुनिया में पहचान दिलाई। उनकी पुण्यतिथि पर हर साल बिहार में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है और उनके संघर्ष को याद किया जाता है। दशरथ मांझी की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में तेजस्वी यादव की जुबान फिसलना भले ही कुछ क्षणों की घटना थी, लेकिन इसके बाद जिस तरह जीतन राम मांझी ने तीखा पलटवार किया, उसने इसे बिहार की सियासत का नया मुद्दा बना दिया है।श्रद्धांजलि सभा में क्या हुआ?
दशरथ मांझी के लिए भारत रत्न की मांग
वीडियो वायरल होते ही जीतन राम मांझी का पलटवार
बिहार में फिर तेज हुआ सियासी वार-पलटवार
कौन थे दशरथ मांझी?
एक जुबान की चूक और सियासी बवाल














