तीनपहाड़ में धूमधाम से मनाया गया हरतालिका तीज पर्व, शिव-पार्वती की पूजा कर पति की लंबी उम्र की कामना
साहिबगंज: सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखने वाला हरतालिका तीज पर्व तीनपहाड़ और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। पर्व को लेकर सुबह से ही मंदिरों और घरों में पूजा-अर्चना का दौर चलता रहा। महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की और पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन एवं परिवार की खुशहाली की कामना की। तीनपहाड़ नीचे टोला स्थित शिव मंदिर में दर्जनों महिलाओं ने पुरोहित के माध्यम से तीज व्रत की कथा सुनी। इसके बाद महिलाओं ने बाबा भोलेनाथ और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में सुबह से ही महिलाओं की भीड़ जुटने लगी थी और पूरे दिन पूजा-पाठ का सिलसिला जारी रहा। कई महिलाओं ने अपने घरों में ही तीज व्रत की कथा का श्रवण किया और शिव-पार्वती की पूजा कर अपने पति की लंबी आयु एवं परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हरतालिका तीज का व्रत भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है। मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी आस्था के साथ सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। तीज व्रत में महिलाओं द्वारा कई धार्मिक नियमों का पालन किया जाता है। सुबह स्नान के बाद मिट्टी से भगवान शिव और माता पार्वती सहित उनके परिवार की प्रतिमाएं बनाकर पूजा करने की परंपरा है। व्रत के दौरान दिन में सोने से परहेज किया जाता है और कई स्थानों पर महिलाएं रातभर जागकर शिव-पार्वती की पूजा, भजन एवं धार्मिक अनुष्ठान करती हैं। तीज पर्व पर लाल और पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। व्रती महिलाएं सोलह शृंगार कर पूजा में शामिल होती हैं। पर्व को लेकर घरों में विभिन्न प्रकार के पारंपरिक पकवान भी बनाए जाते हैं। इनमें ठेकुआ, मीठी पूरी और गुजिया प्रमुख हैं। हरतालिका तीज व्रत का पारण अगले दिन सुबह किया जाता है। धार्मिक परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना के बाद महिलाएं अपने पति के हाथों से पानी ग्रहण कर व्रत का समापन करती हैं। तीनपहाड़ क्षेत्र में पूरे दिन तीज पर्व को लेकर धार्मिक और भक्तिमय माहौल बना रहा। मंदिरों के साथ-साथ घरों में भी महिलाओं ने श्रद्धा के साथ शिव-पार्वती की पूजा कर सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना की।शिव मंदिर में महिलाओं ने सुनी तीज व्रत कथा
निर्जला व्रत रखकर करती हैं शिव-पार्वती की आराधना
लाल और पीले वस्त्र पहनने की परंपरा
अगले दिन व्रत का किया जाता है पारण














