रांची: न कोई फोन पर ओटीपी बताया, न बैंक गए! स्क्रीन शेयरिंग ऐप से खाते से निकल गए लाखों
रांची: साइबर अपराधियों ने एक बार फिर ऑनलाइन ठगी का ऐसा तरीका अपनाया है, जिसने बुजुर्गों की डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मोरहाबादी स्थित बिंदु विला निवासी 85 वर्षीय कामेश्वर प्रसाद के बैंक खाते से साइबर अपराधियों ने महज 15 मिनट के भीतर 7 लाख 95 हजार 500 रुपये की निकासी कर ली। आरोप है कि ठगों ने स्क्रीन शेयरिंग ऐप के जरिए उनके मोबाइल और नेट बैंकिंग तक रिमोट एक्सेस हासिल कर इस वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित ने मामले में साइबर क्राइम थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्राथमिकी के अनुसार, घटना 13 अक्टूबर की रात करीब 8:20 से 8:35 बजे के बीच की है। इसी दौरान अज्ञात साइबर अपराधियों ने कथित तौर पर स्क्रीन शेयरिंग एप्लिकेशन के माध्यम से कामेश्वर प्रसाद के मोबाइल फोन और नेट बैंकिंग का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद अपराधियों ने उनके बैंकिंग से जुड़े गोपनीय विवरण और ओटीपी का दुरुपयोग करते हुए आईसीआईसीआई बैंक के खाते से चार बार में कुल 7,95,500 रुपये निकाल लिए। पीड़ित को महज कुछ मिनटों के भीतर इतनी बड़ी रकम की निकासी का नुकसान उठाना पड़ा। घटना के बाद कामेश्वर प्रसाद ने साइबर क्राइम थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस से साइबर अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। पीड़ित ने यह भी आग्रह किया है कि जिन बैंक खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर की गई है, उन्हें तत्काल डेबिट फ्रीज कराया जाए, ताकि आगे राशि की निकासी रोकी जा सके। साथ ही ठगी गई पूरी रकम वापस उनके बैंक खाते में जमा कराने की भी गुहार लगाई है। साइबर अपराधी कई बार स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप के जरिए लोगों के मोबाइल की गतिविधियों तक पहुंच बना लेते हैं। ऐसे में बैंकिंग ऐप, पासवर्ड और ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारियां खतरे में पड़ सकती हैं। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर ऐसा ऐप डाउनलोड न करें और न ही मोबाइल की स्क्रीन साझा करें।15 मिनट में चार बार किया गया ट्रांजेक्शन
ठगी की रकम वापस दिलाने की गुहार
स्क्रीन शेयरिंग ऐप से रहें सावधान















