पूर्वी सिंहभूम में खेल प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच, करनडीह में बनेगा बड़ा फुटबॉल स्टेडियम, बॉक्सिंग-आर्चरी के आवासीय प्रशिक्षण केंद्र का भी प्रस्ताव
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम किया जा रहा है। जिले में नए स्टेडियम के निर्माण के साथ-साथ विभिन्न खेलों के लिए आवासीय प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने की भी पहल की जा रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में छिपी खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और आगे बढ़ने का अवसर देना है। जिला खेल पदाधिकारी सह जिला नोडल पदाधिकारी, पर्यटन, कला एवं संस्कृति रूपा रानी तिर्की ने बताया कि जिले में खेल के क्षेत्र में आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में करनडीह में फुटबॉल के लिए जिले का एक बड़ा स्टेडियम तैयार होने जा रहा है। इसके अलावा सर्जामदा में स्टेडियम का निर्माण कार्य चल रहा है। चाकुलिया के स्टेडियम को खेल दिवस के अवसर पर शुरू किया जा चुका है। वहीं घाटशिला और पटमदा में भी स्टेडियम निर्माण की तैयारियां चल रही हैं। रूपा रानी तिर्की ने बताया कि करनडीह में बॉक्सिंग और फुटबॉल के आवासीय प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने का प्रस्ताव है। वहीं चाकुलिया से आर्चरी के आवासीय प्रशिक्षण केंद्र के लिए भी प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि कोल्हान क्षेत्र के कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ ओलंपिक स्तर तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। इन खिलाड़ियों ने झारखंड और कोल्हान का नाम देश-दुनिया में रोशन किया है। इसी को देखते हुए विभाग की ओर से सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है कि पूर्वी सिंहभूम जिले में भी सरकारी स्तर पर बॉक्सिंग और आर्चरी प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएं। फिलहाल जमशेदपुर के जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आर्चरी और बॉक्सिंग का प्रशिक्षण उपलब्ध है, लेकिन जिले के ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर अवसर देने के लिए सरकारी आवासीय प्रशिक्षण केंद्र की जरूरत महसूस की जा रही है। जिला खेल पदाधिकारी ने कहा कि जिस तरह चाईबासा और सरायकेला में आर्चरी को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, उसी तर्ज पर पूर्वी सिंहभूम में भी सरकारी आर्चरी सेंटर खोला जाना चाहिए। इससे गांवों में छिपी प्रतिभाओं को उचित प्रशिक्षण, संसाधन और बेहतर मंच मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि बेहतर सुविधाएं मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ी राज्य और देश स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे और भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झारखंड का नाम रोशन कर सकेंगे। जिला खेल पदाधिकारी ने बताया कि वर्ष 2007 से पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकार की ओर से कैश प्राइज रिवार्ड दिया जा रहा है। समय-समय पर पुरस्कार राशि में वृद्धि भी की गई है। प्रत्येक पांच वर्ष में इसकी समीक्षा और पुरस्कार राशि बढ़ाने का प्रावधान है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए यह आर्थिक प्रोत्साहन काफी महत्वपूर्ण है। इससे खिलाड़ियों को खेल को करियर के रूप में अपनाने और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहन मिलता है। विभाग का प्रयास है कि सरकार की खेल योजनाओं और बेहतर खेल सुविधाओं का लाभ सिर्फ शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहे, बल्कि गांवों और दूरदराज इलाकों के बच्चों तक भी पहुंचे। आने वाले समय में पूर्वी सिंहभूम से अधिक से अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएं, इसके लिए प्रशिक्षण, स्टेडियम और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।करनडीह में बॉक्सिंग-फुटबॉल आवासीय प्रशिक्षण केंद्र का प्रस्ताव
गांवों की प्रतिभाओं को मिलेगा बेहतर अवसर
कैश प्राइज से खिलाड़ियों को प्रोत्साहन















