रांची:  झारखंड में कथित बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठ तथा जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर भाजपा ने एक बार फिर कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) पर निशाना साधा है। भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और JMM ने अपने राजनीतिक हितों और कथित वोट बैंक की राजनीति के तहत झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ को बढ़ावा दिया।

प्रतुल शाह देव ने दावा किया कि झारखंड की सीधी अंतरराष्ट्रीय सीमा नहीं होने के बावजूद पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश से लोगों की कथित अवैध आवाजाही और बसावट हुई। उन्होंने इसे राज्य के संताल क्षेत्र में बदलती जनसांख्यिकी से जोड़ते हुए गंभीर चिंता का विषय बताया।

पश्चिम बंगाल के रास्ते घुसपैठ का दावा

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि झारखंड की बांग्लादेश से सीधी अंतरराष्ट्रीय सीमा नहीं है, लेकिन पश्चिम बंगाल के जरिए बांग्लादेश से जुड़ने वाला एक संकरा गलियारा है। उनके मुताबिक, इसी रास्ते से बड़ी संख्या में कथित बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठिए झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में पहुंचे।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को केवल कानून-व्यवस्था के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसके सामाजिक और जनसांख्यिकीय प्रभावों पर भी गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।

1951 और 2011 की जनगणना का हवाला

प्रतुल शाह देव ने अपने दावे के समर्थन में 1951 और 2011 की जनगणना के आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश सीमा के करीब स्थित संताल क्षेत्र में जनजातीय आबादी का हिस्सा 1951 में करीब 44 प्रतिशत था, जो 2011 में घटकर 28 प्रतिशत रह गया।

उन्होंने दावा किया कि इसी अवधि में मुस्लिम आबादी का हिस्सा 9 प्रतिशत से बढ़कर 23 प्रतिशत हो गया। भाजपा प्रवक्ता ने इन आंकड़ों को क्षेत्र में हुए बड़े जनसांख्यिकीय बदलाव का संकेत बताया।

हालांकि, इन आंकड़ों की व्याख्या और उनके पीछे के कारणों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच अलग-अलग दावे और मत हैं। केवल जनगणना के आंकड़ों के आधार पर किसी विशेष आबादी की वृद्धि को अवैध घुसपैठ से जोड़ना अपने आप में निष्कर्ष साबित नहीं करता।

‘सिर्फ प्राकृतिक जनसंख्या वृद्धि का मामला नहीं’

प्रतुल शाह देव ने आरोप लगाया कि मुस्लिम आबादी में हुई वृद्धि को केवल प्राकृतिक जनसंख्या वृद्धि के तौर पर नहीं देखा जा सकता। उन्होंने इसके पीछे कथित घुसपैठ और राजनीतिक संरक्षण को जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि कथित वोट बैंक की राजनीति के तहत बांग्लादेशी और रोहिंग्या लोगों को कथित रूप से मतदाता पहचान पत्र उपलब्ध कराने में मदद की गई।

भाजपा ने उठाया पहचान और सुरक्षा का मुद्दा

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि अवैध घुसपैठ का मुद्दा केवल जनसंख्या के आंकड़ों तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, इसका असर स्थानीय लोगों के अधिकारों, रोजगार, संसाधनों और क्षेत्र की सामाजिक संरचना पर भी पड़ सकता है।

उन्होंने सरकार से सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में संदिग्ध घुसपैठ की जांच, दस्तावेजों के सत्यापन और अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान को लेकर प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

राजनीतिक आरोपों के बीच बढ़ी बहस

झारखंड में घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव का मुद्दा पिछले कुछ समय से राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बना हुआ है। भाजपा लगातार संताल परगना समेत राज्य के कुछ इलाकों में कथित जनसांख्यिकीय परिवर्तन का मुद्दा उठा रही है, जबकि विपक्षी दल भाजपा के आरोपों को राजनीतिक मुद्दा बताते रहे हैं।

ऐसे में प्रतुल शाह देव के ताजा बयान के बाद एक बार फिर झारखंड में घुसपैठ, जनसंख्या संरचना और वोट बैंक की राजनीति को लेकर सियासी बहस तेज होने के आसार हैं।