देवघर: समाहरणालय स्थित सभागार में सोमवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में मध्याह्न भोजन योजना को लेकर जिला स्तरीय स्टीयरिंग सह मॉनिटरिंग कमिटी की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त ने मिड-डे मील की गुणवत्ता और व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए।

उपायुक्त ने कहा कि बच्चों की थाली से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पूर्व में दिए गए निर्देशों की समीक्षा करते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा।

बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी है योजना

डीसी ने कहा कि मिड-डे मील केवल एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह बच्चों के स्वास्थ्य और स्कूल से उनके जुड़ाव का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए भोजन की गुणवत्ता, मात्रा और स्वच्छता में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को जिले के सभी विद्यालयों में मिड-डे मील की सतत निगरानी के लिए पंचायतवार रोस्टर तैयार करने का निर्देश दिया। रोस्टर के अनुसार अधिकारी स्वयं स्कूलों का औचक निरीक्षण करेंगे और बच्चों के साथ बैठकर भोजन की गुणवत्ता, मात्रा एवं स्वच्छता की जांच करेंगे।

लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही

निरीक्षण के दौरान यदि मिड-डे मील में किसी तरह की कमी पाई जाती है तो संबंधित प्रधानाध्यापक, एनजीओ और रसोइया की जवाबदेही तय की जाएगी। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निरीक्षण की प्रक्रिया केवल कागजी न रहे, बल्कि स्कूलों में वास्तविक स्थिति की जांच की जाए।

कम उपस्थिति वाले स्कूलों पर भी नजर

बैठक में डीसी ने विद्यालयों में बच्चों के आच्छादन और दैनिक उपस्थिति बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम है, वहां बीईओ और बीपीओ अभिभावकों से संपर्क करें और उन्हें बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें।

अच्छा काम करने वालों को मिलेगा सम्मान

उपायुक्त ने कहा कि मिड-डे मील योजना के बेहतर और पारदर्शी संचालन में सराहनीय कार्य करने वाले शिक्षकों, रसोइयों और अन्य कर्मियों को जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित किया जाएगा। इसका उद्देश्य बेहतर काम करने वालों को प्रोत्साहित करना और दूसरे विद्यालयों को भी उनसे प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित करना है।

बैठक में उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, जिला शिक्षा पदाधिकारी विनोद कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक मधुकर कुमार, सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, बीपीओ, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी सहित संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।