पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल और विस्तार को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। बीजेपी के कुछ रणनीतिकारों के हवाले से सितंबर 2026 में कैबिनेट विस्तार की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक इसे लेकर कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।

संभावित विस्तार की चर्चा के बीच बिहार के केंद्रीय मंत्रियों को लेकर भी कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा है कि कुछ पुराने चेहरों की जिम्मेदारियों में बदलाव हो सकता है, जबकि कुछ नए चेहरों को केंद्र में जगह मिल सकती है।

मोदी कैबिनेट में विस्तार की चर्चा क्यों?

चर्चा के मुताबिक केंद्रीय मंत्रिमंडल में नए चेहरों को शामिल करने और कुछ मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव करने की संभावना है। इसके पीछे उम्र, प्रदर्शन और युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने जैसे कारणों की चर्चा हो रही है।

यह भी अटकलें हैं कि संभावित फेरबदल में युवा चेहरों और महिला मंत्रियों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है। हालांकि, इन संभावनाओं को लेकर अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी नेतृत्व को करना है।

बिहार से फिलहाल ये मंत्री हैं शामिल

मौजूदा केंद्रीय मंत्रिपरिषद में बिहार से कई नेता मंत्री हैं। इनमें बीजेपी, जेडीयू, एलजेपी (रामविलास) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा से जुड़े नेता शामिल हैं।

नामपार्टीमंत्रालयपद
गिरिराज सिंहभाजपाकपड़ा मंत्रालयकैबिनेट मंत्री
चिराग पासवानलोजपा (रामविलास)खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालयकैबिनेट मंत्री
राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंहजदयूपंचायती राज, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरीकैबिनेट मंत्री
जीतन राम मांझीहमसूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालयकैबिनेट मंत्री
नित्यानंद रायभाजपागृह मंत्रालयराज्य मंत्री
सतीश चंद्र दुबेभाजपाकोयला एवं खानराज्य मंत्री
रामनाथ ठाकुरजदयूकृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालयराज्य मंत्री
राज भूषण चौधरीभाजपाजल शक्ति मंत्रालयराज्य मंत्री

गिरिराज सिंह से लेकर सतीश चंद्र दुबे तक की चर्चा

संभावित फेरबदल को लेकर बिहार के कुछ मौजूदा मंत्रियों के नाम राजनीतिक चर्चा में हैं। गिरिराज सिंह की उम्र को लेकर बदलाव की अटकलें लगाई जा रही हैं और उनके स्थान पर राज्यसभा सांसद विवेक ठाकुर को मौका मिलने की चर्चा है।

वहीं, कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे को लेकर भी बदलाव की अटकलें हैं। राजनीतिक हलकों में उनके स्थान पर राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा को मंत्री बनाए जाने की चर्चा की जा रही है।

जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी को लेकर भी संभावित बदलाव की बातें कही जा रही हैं। हालांकि, इन नामों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जेडीयू कोटे को लेकर भी बढ़ी हलचल

संभावित कैबिनेट विस्तार में जनता दल यूनाइटेड (JDU) की भूमिका को लेकर भी चर्चा है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा का नाम संभावित केंद्रीय मंत्री के तौर पर लिया जा रहा है।

अटकलों के मुताबिक यदि जेडीयू को केंद्र में दो मंत्री पद मिलते हैं तो मौजूदा कैबिनेट मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की स्थिति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। वहीं, यदि पार्टी को केवल एक मंत्री पद मिलता है तो ललन सिंह की जगह संजय झा को मौका मिलने की संभावना पर चर्चा हो रही है।

राजनीतिक हलकों में यह भी कहा जा रहा है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया मुलाकात के दौरान संजय झा को केंद्र में जिम्मेदारी देने के मुद्दे पर बातचीत हुई थी। हालांकि, इस संबंध में भी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

युवा चेहरों पर बीजेपी का फोकस?

संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर सबसे बड़ी चर्चा युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने की है। अगर फेरबदल होता है तो 50 वर्ष से कम उम्र के नेताओं को अधिक जिम्मेदारी देने और महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने की रणनीति अपनाए जाने की अटकलें हैं।