रांची/लोहरदगा:  झारखंड में सड़क निर्माण परियोजनाओं से जुड़ी कंपनियों को कथित धमकी दिए जाने का मामला एक बार फिर सामने आया है। राहुल सिंह गैंग के नाम से सोशल मीडिया पर वायरल एक वॉइस रिकॉर्डिंग ने सड़क निर्माण कंपनी और उससे जुड़े लोगों के बीच दहशत पैदा कर दी है। वायरल ऑडियो में कुड़ू से उदयपुरा बाइपास सड़क निर्माण करा रही कंपनी को कथित तौर पर 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है।

ऑडियो में दावा किया गया है कि यदि तय समय के भीतर कंपनी की ओर से बातचीत नहीं की गई, तो सड़क निर्माण से जुड़े अधिकारियों, पदाधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों को निशाना बनाया जाएगा। हालांकि, वायरल रिकॉर्डिंग में मजदूरों को नुकसान नहीं पहुंचाने की बात भी कही गई है।

‘मैनेज किए बिना काम किया तो गोली मार देंगे’ की धमकी

सोशल मीडिया पर प्रसारित ऑडियो में धमकी देने वाला व्यक्ति कथित तौर पर खुद को राहुल सिंह गैंग से जुड़ा बता रहा है। रिकॉर्डिंग में विनय पांडे और तुषार मिश्रा का नाम लेते हुए कथित तौर पर कहा गया है कि बिना ‘मैनेज’ किए सड़क निर्माण का काम जारी रखने की कोशिश की गई तो गोली मार दी जाएगी।

ऑडियो में धमकी भरे अंदाज में यह भी कहा गया है कि गैंग किसी को छेड़ता नहीं है और छेड़ने पर छोड़ता नहीं है।

हालांकि, वायरल ऑडियो की सत्यता और उसमें मौजूद व्यक्ति की पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

सोशल मीडिया पर विनय पांडे की तस्वीर भी वायरल

मामले को और गंभीर बनाने वाली बात यह है कि राहुल सिंह गैंग के नाम से सोशल मीडिया पर विनय पांडे की एक तस्वीर भी शेयर की गई है। तस्वीर के साथ धमकी भरा संदेश प्रसारित किया गया है और 48 घंटे के भीतर बातचीत करने की बात कही गई है।

वायरल पोस्ट और ऑडियो के बाद सड़क निर्माण कंपनी से जुड़े लोगों के बीच भय का माहौल बनने की बात सामने आ रही है।

पुलिस के सामने अब वायरल ऑडियो की जांच की चुनौती

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के लिए वायरल ऑडियो और सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता की जांच अहम होगी। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा सकती है कि ऑडियो किस व्यक्ति ने रिकॉर्ड किया, इसे सोशल मीडिया पर किस अकाउंट से प्रसारित किया गया और इसमें इस्तेमाल की गई तस्वीर एवं नामों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।

पुलिस यह भी जांच कर सकती है कि धमकी के पीछे वास्तव में कोई आपराधिक गिरोह है या किसी ने गिरोह के नाम का इस्तेमाल कर दहशत फैलाने की कोशिश की है।

सड़क निर्माण कंपनियों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

सड़क निर्माण परियोजनाओं में रंगदारी और धमकी के मामले सामने आने के बाद एक बार फिर निर्माण कंपनियों और परियोजना से जुड़े कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा सामने आया है। यदि वायरल ऑडियो में दी गई धमकी की पुष्टि होती है, तो यह सड़क निर्माण कार्य की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर मामला हो सकता है।

फिलहाल वायरल ऑडियो और सोशल मीडिया पोस्ट की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि धमकी के पीछे कौन है और इसका वास्तविक उद्देश्य क्या था।