SCO Summit 2026: बिश्केक में मोदी, शी जिनपिंग और पुतिन समेत नेताओं ने घोषणापत्र पर किए हस्ताक्षर
बिश्केक : शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में मंगलवार को सदस्य देशों के नेताओं ने संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान समेत SCO सदस्य देशों और साझेदार देशों के प्रमुख नेता शामिल हुए। दो दिवसीय सम्मेलन में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, व्यापार, ऊर्जा और कनेक्टिविटी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। सम्मेलन का मुख्य फोकस क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सदस्य देशों के बीच आर्थिक एवं रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने पर रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SCO मंच से आतंकवाद के खिलाफ सख्त और स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी भी तरह के दोहरे मापदंड की जगह नहीं होनी चाहिए। मोदी ने आतंकवाद को क्षेत्रीय शांति और विकास के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए सदस्य देशों के बीच खुफिया जानकारी, सुरक्षा सहयोग और संयुक्त प्रयासों को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। SCO शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, व्यापार, ऊर्जा, परिवहन और कनेक्टिविटी से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। नेताओं ने सदस्य देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और क्षेत्रीय संपर्क व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी चर्चा की। SCO सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। इन मुलाकातों में भारत के रणनीतिक और आर्थिक हितों से जुड़े मुद्दों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई। सम्मेलन के दौरान भारत की कूटनीतिक सक्रियता पर भी दुनिया की नजर रही। इस वर्ष शंघाई सहयोग संगठन के गठन के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। संगठन के इस महत्वपूर्ण पड़ाव के बीच बिश्केक में आयोजित शिखर सम्मेलन को क्षेत्रीय सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। SCO सदस्य देशों के अलावा संगठन से जुड़े साझेदार देशों के नेताओं ने भी सम्मेलन में हिस्सा लिया। सम्मेलन में बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच संगठन की भूमिका और भविष्य की प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई। संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर के साथ सदस्य देशों ने क्षेत्रीय सहयोग और साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रतिबद्धता जताई। सुरक्षा से लेकर अर्थव्यवस्था और ऊर्जा तक विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। बिश्केक सम्मेलन से SCO ने बदलती वैश्विक व्यवस्था में अपनी भूमिका को मजबूत करने और सदस्य देशों के बीच आपसी सहयोग को नई गति देने का संदेश दिया।आतंकवाद के खिलाफ PM मोदी का सख्त संदेश
क्षेत्रीय सुरक्षा से लेकर व्यापार और ऊर्जा तक चर्चा
मोदी ने पुतिन समेत कई नेताओं से की द्विपक्षीय मुलाकात
SCO के 25 साल पूरे, साझेदार देशों की भी भागीदारी
संयुक्त घोषणापत्र से सहयोग का रोडमैप तय करने की कोशिश















