सहकारी समिति से जुड़कर भागीदारी निभाने के लिए लोगों को किया गया प्रेरित, तिसरी में जागो फाउंडेशन का कार्यक्रम
गिरिडीह तिसरी: प्रखंड क्षेत्र में सहकारी समिति के
माध्यम से लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्थानीय स्तर पर व्यवसाय को
बढ़ावा देने के उद्देश्य से जागो फाउंडेशन की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में कृषि, दुग्ध
उत्पादन और छोटे व्यवसाय से जुड़े लोगों को सहकारी समिति के साथ जुड़कर अपनी
भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया। जागो
फाउंडेशन के सचिव वैजनाथ जी ने बताया कि संस्था वर्ष 2018 से समुदाय को आगे बढ़ाने के लिए काम कर
रही है। संस्था ने स्वयं सहायता समूहों (SHG) को सहयोग देने के साथ जेएसएलपीएस के साथ
मिलकर भी कार्य किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सहकारी समितियां लोगों
के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने
बताया कि संस्था की ओर से क्षेत्र में चार सहकारी समितियों का गठन किया गया है।
इनमें से एक समिति दुग्ध उत्पादन और बर्फी निर्माण से जुड़े कार्य कर रही है। इसके
अलावा कृषि क्षेत्र में भी लोगों को सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से
उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप व्यवसाय शुरू करने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत
करने की अपील की। कार्यक्रम
में दुग्ध उत्पादक कृषक सहकारी समिति की अध्यक्ष कविता देवी ने बताया कि समिति से
अब तक 292 सदस्यों को जोड़ा गया है। सभी सदस्य समिति की
बैठकों में हिस्सा लेते हैं और व्यवसाय से जुड़े विषयों पर चर्चा करते हैं।
उन्होंने बताया कि कृषि और फसल उत्पादन से जुड़े कार्यों में भी समिति के सदस्यों
को लाभ मिला है। सोशल
ऑडिट यूनिट के वैजनाथ जी ने कहा कि सहकारी समिति की अवधारणा नई नहीं है। लंबे समय
से लोग सामूहिक भागीदारी के माध्यम से अपने आर्थिक हितों को मजबूत करते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में लोगों ने जागरूक होकर सहकारी व्यवस्था में
भागीदारी की, वहां
आय बढ़ाने के अवसर भी सामने आए हैं। पूर्व
मुखिया प्रवीण कुमार ने पर्यावरण और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर
जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही लोग अपने परिवार और समाज को आगे
बढ़ाने में बेहतर भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम
में करीब 100 लोग उपस्थित रहे। परियोजना
समन्वयक आशीष कुमार पांडे ने मंच संचालन किया, जबकि प्रदीप कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन
किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में दुखन साहा, राजीव रंजन, राजेश, पूजा और रूबी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।














