देवघर  : पालोजोरी थाना क्षेत्र में 5 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म की घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। मामले में पुलिस द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी आदिवासी समाज और स्थानीय ग्रामीणों ने पीड़िता को न्याय दिलाने तथा आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।प्रदर्शनकारियों ने पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-नगाड़ों और तीर-धनुष के साथ गांव से मार्च निकाला। इसके बाद पालोजोरी बाजार का भ्रमण करते हुए वे सिदो-कान्हू चौक पहुंचे और पालोजोरी-दुमका मुख्य मार्ग को जाम कर दिया।करीब दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक सड़क जाम रहने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर अंचलाधिकारी पार्थ नंदन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के समझाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और यातायात सामान्य कराया गया।परिजनों के आरोप के अनुसार, आरोपी अजीत मंडल ने बच्ची को बहला-फुसलाकर सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया और आरोपी के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

मुख्यमंत्री के नाम 7 सूत्री मांग-पत्र

पहाड़ रक्षा मंच, पालोजोरी और विभिन्न छात्र व आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम मांग-पत्र सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और त्वरित न्याय की मांग की।प्रमुख मांगों में

  • फास्ट-ट्रैक कोर्ट के माध्यम से मामले का स्पीडी ट्रायल।
  • पीड़िता के इलाज और पुनर्वास के लिए ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता
  • पीड़ित परिवार के एक पात्र सदस्य को सरकारी नौकरी।
  • परिवार को पर्याप्त सुरक्षा।
  • जांच में लापरवाही या साक्ष्यों से छेड़छाड़ पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई और पीड़िता को न्याय नहीं मिला, तो आगे चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।