पलामू पेयजल योजनाओं में लापरवाही तीन संवेदकों के इकरारनामे रद्द
पलामू: जिले में पेयजल योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और धीमी प्रगति को लेकर उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने सख्त रुख अपनाया है। जल जीवन मिशन 2.0 और स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण 2.0 की समीक्षा बैठक में डीसी ने योजनाओं की प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक में जानकारी दी गई कि अपेक्षित प्रगति नहीं करने वाले तीन संवेदकों के इकरारनामे पहले ही विखंडित किए जा चुके हैं। वहीं, अतिक्रमण के कारण बाधित पेयजल योजनाओं को पूरा कराने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि जो पेयजल योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, उनका ट्रायल कराकर उन्हें ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को सौंपा जाए। साथ ही जल स्रोतों की नियमित गुणवत्ता जांच सुनिश्चित करने और जलकर संग्रहण को सुगम बनाने के लिए क्यूआर कोड प्रदर्शित करने का निर्देश दिया। समीक्षा बैठक में छूटे हुए परिवारों को घरेलू शौचालय योजना से जोड़ने, वेस्ट टू आर्ट पार्क के निर्माण के लिए भूमि संबंधी एनओसी उपलब्ध कराने और मल्टी विलेज स्कीम की प्रगति तेज करने पर भी चर्चा हुई। डीसी ने संबंधित अधिकारियों को सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने सभी कनीय अभियंताओं को आगामी एक माह की कार्ययोजना 3 नवंबर तक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। वहीं, कार्यपालक अभियंता को सभी कार्ययोजनाओं को समेकित कर 5 नवंबर तक उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। डीसी ने स्पष्ट किया कि ग्रामीणों को नियमित, सुचारु और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। पेयजल योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी और लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।छूटे परिवारों को शौचालय योजना से जोड़ने पर जोर
अधिकारियों को समयसीमा में कार्ययोजना सौंपने का निर्देश















