बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में थे शामिल, 1974 में दो लोगों के साथ शुरू की थी SIS ग्रुप की यात्रा: राजनीतिक, सामाजिक और कारोबारी जगत में शोक
नई दिल्ली: राज्यसभा के पूर्व सांसद, बीजेपी के संस्थापक सदस्य और सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज (SIS) ग्रुप के संस्थापक चेयरमैन डॉ. रविंद्र किशोर सिन्हा का शुक्रवार को निधन हो गया। उन्होंने 75 वर्ष की उम्र में नोएडा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके परिवार के सदस्यों ने निधन की पुष्टि की है। बताया गया है कि वह पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की खबर से राजनीतिक, सामाजिक और कारोबारी जगत में शोक की लहर है। पार्टी नेताओं और उनके करीबियों ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया है। परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए दिल्ली से पटना स्थित अन्नपूर्णा भवन, पाटलिपुत्र लाया जाएगा। पटना पहुंचने के समय और अंतिम संस्कार से जुड़ी जानकारी जल्द साझा की जाएगी। डॉ. रविंद्र किशोर सिन्हा को सुरक्षा जगत में सम्मान के साथ 'आरके' के नाम से जाना जाता था। वह पहली पीढ़ी के उद्यमियों में शामिल थे। उन्होंने वर्ष 1974 में भारत के पूर्वी हिस्से में महज दो लोगों की टीम और एक छोटे से किराए के कार्यालय से सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड की शुरुआत की थी। उनके नेतृत्व में SIS ग्रुप ने निजी सुरक्षा सेवाओं के क्षेत्र में देश और विदेश में अपनी पहचान बनाई। एक उद्यमी के रूप में उन्होंने अलग मुकाम हासिल किया और हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने वाले संस्थान का नेतृत्व किया। डॉ. सिन्हा ने राजनीति विज्ञान और कानून में स्नातक की पढ़ाई की थी। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत पत्रकार के रूप में की थी। वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद सेवानिवृत्त सैनिकों की मदद करने के उद्देश्य से उन्होंने SIS की स्थापना की थी। उनकी इस पहल ने आगे चलकर निजी सुरक्षा सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़े संस्थान का रूप ले लिया। उनके नेतृत्व में कंपनी ने लगातार विस्तार किया। डॉ. रविंद्र किशोर सिन्हा वर्ष 2014 में बिहार से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में शामिल होने के कारण बिहार की राजनीति और पार्टी संगठन में उनका विशेष स्थान था। राजनीति और कारोबार दोनों क्षेत्रों में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। उनके निधन को राजनीतिक और कारोबारी जगत के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।दो लोगों के साथ शुरू किया था SIS ग्रुप
पत्रकारिता से शुरू किया था करियर
2014 में बने थे राज्यसभा सांसद














