चांडिल सरायकेला-खरसावां जिले के कुकड़ू प्रखंड में शनिवार को करीब 30 लाख रुपये की लागत से विभिन्न विकास योजनाओं का विधिवत शिलान्यास किया गया। जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा और उपाध्यक्ष मधुश्री महतो की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कई गांवों में गार्डवाल, डीप बोरिंग, पीसीसी सड़क, नाली और स्नानघाट निर्माण कार्यों की शुरुआत की गई। इन योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने और स्थानीय लोगों की जरूरतों को पूरा करने की उम्मीद है।

कई गांवों में शुरू होंगी विकास योजनाएं

कार्यक्रम के तहत पांरगामा गांव में गार्डवाल निर्माण, सिरूम में डीप बोरिंग और दो स्नानघाटों का निर्माण, रूपरू में पीसीसी सड़क, दरुदा में नाली निर्माण, बाड़लापांग में पीसीसी पथ, पांडरा में स्नानघाट तथा तिरुलडीह में नाली निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया।

इन योजनाओं के पूरा होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन, जल उपलब्धता और जल निकासी से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, स्नानघाटों के निर्माण से ग्रामीणों को दैनिक उपयोग और धार्मिक-सामाजिक आयोजनों के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर

विकास योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया गया। गार्डवाल निर्माण से मिट्टी के कटाव को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है, जबकि पीसीसी सड़क बनने से लोगों को आवागमन में सुविधा होगी। नाली निर्माण से जल निकासी की व्यवस्था बेहतर बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा, सिरूम में डीप बोरिंग का कार्य स्थानीय लोगों की जल संबंधी जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। योजनाओं के क्रियान्वयन से ग्रामीणों को अपने गांव में ही आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

समय पर और गुणवत्तापूर्ण निर्माण की उम्मीद

जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा और उपाध्यक्ष मधुश्री महतो की उपस्थिति में हुए शिलान्यास कार्यक्रम के जरिए ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया। करीब 30 लाख रुपये की लागत वाली इन योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिल सकेगा, जब निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता और समयसीमा के अनुरूप पूरे किए जाएंगे।

अब स्थानीय ग्रामीणों को इन योजनाओं के धरातल पर उतरने और बेहतर बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिलने का इंतजार है।