‘लोकतंत्र बचाने का दिखावा कर रही भाजपा’, केशव महतो ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर घेरा
रांची: भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा को लेकर झारखंड में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा का नारा देने के बजाय पार्टी को सबसे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करनी चाहिए। उन्होंने भाजपा की पदयात्रा को राजनीतिक दिखावा और फोटोशूट करार दिया। केशव महतो कमलेश ने कहा कि भाजपा का लोकतंत्र के प्रति प्रेम केवल दिखावा है। यदि पार्टी वास्तव में लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा करना चाहती है, तो उसे चुनाव आयोग की निष्पक्षता और जवाबदेही से जुड़े सवालों पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में मतदाताओं के मताधिकार और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में केवल पदयात्रा निकालकर और लोकतंत्र बचाने के नारे लगाकर जिम्मेदारी पूरी नहीं की जा सकती। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दुष्यंत कुमार और हरदीप पुरी का उल्लेख करते हुए भाजपा के राजनीतिक आचरण पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक ओर भाजपा लोकतंत्र और संवैधानिक मर्यादाओं की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उसे अपने राजनीतिक फैसलों और सत्ता के कामकाज पर भी आत्ममंथन करना चाहिए। कमलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा के नारों और उसके वास्तविक राजनीतिक उद्देश्यों में अंतर है। जनता अब इस दोहरे रवैये को समझ रही है। केशव महतो ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने तक सीमित नहीं है। इसकी मजबूती मतदाताओं के अधिकार, संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और उनकी जवाबदेही पर निर्भर करती है। उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि चुनाव आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए वह कौन से ठोस कदम उठा रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी संविधान, लोकतंत्र और जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र कैमरे के सामने तस्वीरें खिंचवाने से मजबूत नहीं होता, बल्कि संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और जनता के सवालों का जवाब देने से मजबूत होता है। गौरतलब है कि भाजपा ने सोमवार को रांची में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्रा निकाली। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में निकली इस यात्रा में बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।‘सिर्फ नारे लगाने से पूरी नहीं होती जिम्मेदारी’
दुष्यंत कुमार और हरदीप पुरी का भी किया जिक्र
चुनाव आयोग की जवाबदेही पर उठाए सवाल
‘सड़क से सदन तक जारी रहेगा संघर्ष’















